गोरखपुर, जेएनएन। कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच बड़हलगंज के कोविड अस्पताल को आवंटित आक्सीजन सिलेंडर रास्ते में उतार लेने का मामला सामने आया है। आक्सीजन समय से न पहुंचने के कारण वहां अफरा-तफरी मच गई। एसडीएम के हस्तक्षेप से रास्ते में उतारे गए सिलेंडर अस्पताल को वापस किए गए। इस मामले में अस्पताल संचालक डा. मनोज यादव की ओर से बड़हलगंज थाने में तहरीर दी गई है। इधर अस्पताल में गंभीर स्थिति में भर्ती तीन मरीजों की शुक्रवार को दोपहर बाद तीन बजे मौत हो गई। स्थानीय लोगों में इस बात की चर्चा रही कि समय से आक्सीजन न मिलने से मौत हुई। हालांकि अस्पताल संचालक एवं जिला प्रशासन आक्सीजन की कमी के चलते मौत होने से साफ इनकार कर रहा है।

यहां भी बना है कोविड अस्‍पताल

बड़हलगंज स्थित दुर्गावती अस्पताल को भी जिला प्रशासन ने कोविड मरीजों के इलाज की अनुमति दी है। अस्पताल के संचालक डा. मनोज यादव ने बताया कि उनके यहां कोविड से पीडि़त 27 गंभीर मरीज भर्ती हैं। गुरुवार को उन्होंने 110 खाली सिलेंडर गीडा स्थित मोदी केमिकल्स के प्लांट पर भेजा था। वहां से आक्सीजन भरा 30 सिलेंडर अस्पताल के लिए रवाना किया गया। गाड़ी रात करीब 10.30 बजे गीडा से चली। रात दो बजे तक सिलेंडर नहीं पहुंचा तो अस्पताल में अफरा-तफरी मचने लगी। संचालक ने कई बार चालक को फोन किया। चालक तीन बजे सिलेंडर लेकर पहुंचा लेकिन गाड़ी पर मात्र 17 आक्सीजन सिलेंडर ही थे। इसपर अस्पताल प्रबंधन ने विरोध जताया। चालक ने बड़हलगंज कस्बे में ही अन्य स्थानों पर 13 सिलेंडर उतारने की बात स्वीकार की। अस्पताल संचालक ने इसकी सूचना जिलाधिकारी के. विजयेंद्र पाण्डियन एवं एसडीएम राजेंद्र बहादुर को दी। इसके बाद एसडीएम के हस्तक्षेप से पुलिस ने रास्ते में उतारे गए सिलेंडर अस्पताल तक भिजवाया। एसडीएम ने बताया कि और भी सिलेंडर आ रहा है, जिसे अस्पताल पहुंचा दिया जाएगा।

प्रशासन को बता रहे थे आक्सीजन की अपडेट

अस्पताल के संचालक डा. मनोज यादव ने कहा कि वह जिलाधिकारी को पिछले दो-तीन दिनों से आक्सीजन की अपडेट बता रहे थे। गुरुवार को भी रात आठ बजे से उनकी कई बार बात हुई। सिलेंडर गीडा से भेजा गया लेकिन रास्ते में उतार लेना गंभीर है। इसकी जांच के लिए तहरीर दी गई है। उन्होंने बताया कि गंभीर रूप से बीमार तीन मरीजों की मौत हो गई। जिलाधिकारी के. विजयेंद्र पाण्डियन का कहना है कि बड़हलगंज में आक्सीजन भेज दिया गया था। रास्ते में कुछ सिलेंडर उतारने का मामला सामने आया था, उसे भी अस्पताल को भिजवा दिया गया था। किसी मरीज की मौत आक्सीजन की कमी से नहीं हुई।

Edited By: Satish Chand Shukla