पूर्व ग्राम प्रधान, सचिव व तकनीकी सहायक पर मुकदमा दर्ज करने का आदेश

कुशीनगर : तमकुही के बभनौली गांव के व्यक्ति के देवरिया जेल में बंद रहने के दौरान मनरेगा मजदूर दिखाकर किए गए भुगतान का मामला तूल पकड़ लिया है। लोकपाल मनरेगा ने तत्कालीन पंचायत सचिव, तकनीकी सहायक, तत्कालीन प्रधान सहित मजदूरी लेने वाले व्यक्ति के विरुद्ध रिकवरी के साथ ही मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। गांव निवासी प्रद्युम्न सिंह मनरेगा मजदूर हैं। उन्हें पिछले प्रधान के कार्यकाल में मस्टररोल संख्या -1648 पर 7 मई 2020 से 13 मई 2020 तक सात दिन मनरेगा में कार्य दिखाकर भुगतान कर दिया गया। जबकि कामगार को पटहेरवा पुलिस ने धारा 151, 107, 116 निरुद्ध किया था, एसडीएम तमकुही न्यायालय ने उसे जेल भेज दिया था। कामगार के जेल में रहने के दौरान ही मनरेगा में कार्य करते दिखाया गया। उसकी हाजिरी लगाई गई। इसकी जानकारी जनसूचना अधिकार के तहत मिली। ग्रामवासी प्रदीप सिंह ने इसकी शिकायत लोकपाल मनरेगा से की थी। लोकपाल ग्राम पंचायत सचिव, तकनीकी सहायक व तत्कालीन ग्राम प्रधान को साक्ष्य के साथ स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के लिए कई बार बुलाए पर यह लोग उपस्थित नहीं हुए। तत्कालीन प्रधान सुरसती देवी, पंचायत सचिव सुनील सिंह, तकनीकी सहायक रविन्द्रनाथ मिश्र सहित कामगार प्रद्युम्न सिंह के विरुद्ध भुगतान की गई मजदूरी को राजकीय कोष में जमा कराने के साथ ही संबंधित थाने में मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया गया है। प्रभारी निरीक्षक अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि अभी आदेश की प्रति नहीं मिली है। मिलते ही आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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