गोरखपुर, जागरण संवाददाता। देवरिया जिले में जिला अस्पताल को छोड़ कर किसी भी सीएचसी में आपरेशन नहीं हो रहा है। सभी अस्पतालों की ओटी धूल फांक रही है। सीएचसी सलेमपुर में तकरीबन पांच वर्ष से आपरेशन नहीं हो रहा है। जिससे लोगों को प्राइवेट में आपरेशन कराने की मजबूरी है।

पांच वर्ष पहले सभी सीएचसी में होता था आपरेशन

पांच वर्ष पूर्व जिले की कई सीएचसी में हाईड्रोसील, हार्नियां समेत कई गंभीर आपरेशन होते थे लेकिन विभागीय लापरवाही के कारण सीएचसी पर आपरेशन बंद हो गए। सीएचसी सलेमपुर में पांच वर्ष पूर्व आपरेशन के लिए मरीजों की लाइन लगती थी। यहां डा. राकेश चौधरी व उनके पूर्व तैनात रहे डा. एके उपाध्याय तथा सीएचसी जुसई में तैनात रहे डा. एए खान मरीजों का आपरेशन करते थे। आज इन दोनों अस्पतालों समेत बरहज, भुड़वार, बतरौली, रुद्रपुर समेत किसी भी सीएचसी पर आपरेशन नहीं हो रहा है। अस्पतालों में तैनात सर्जन आपरेशन नहीं कर रहे हैं। जिससे ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों की परेशानी बढ़ गई है।

जिले में चार सर्जन हैं तैनात

जिले में कुल 16 पद सर्जन के स्वीकृत हैं। जिसके सापेक्ष चार सर्जन की तैनाती है, लेकिन ये सर्जन भी आपरेशन नहीं कर रहे हैं। सिर्फ ओपीडी में मरीज देखते हैं। जिसमें सीएचसी सलेमपुर में डा. बृजेंद्र मिश्र, पथरदेवा में डा. अजय शाही, सीएचसी तरकुलवा में डा. अजीत सिंह, सीएचसी भटनी में डा. मसूद की तैनाती है। इस तरफ किसी का ध्यान नहीं जा रहा है।

जिले में सीएचसी की संख्या- 16

पीएचसी की कुल संख्या-15

न्यू पीएचसी की कुल संख्या-65

शीघ्र शुरू होगा आपरेशन

सीएमओ डा. आलोक पांडेय ने बताया कि सीएचसी पर भी मरीजों को आपरेशन की सुविधा मिले इसके लिए प्रयास किया जाएगा। जिस सीएचसी पर सर्जन की तैनाती है वहां बहुत जल्द आपरेशन का कार्य कराया जाएगा।

कोरोना संक्रमण पर विराम, 2082 की रिपोर्ट निगेटिव

देवरिया जिले में एक बार फिर से काेरोना संक्रमण पर लगाम लगा हुआ है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग एहतियात बरत रहा है और अधिक से अधिक कोरोना की जांच कराने का प्रयास कर रहा है लेकिन लोग जांच कराने से कतरा रहे हैं। रविवार को आई कोरोना जांच रिपोर्ट में 2082 की रिपोर्ट निगेटिव रही। एक भी रिपोर्ट पाजिटिव नहीं आई। पांच दिन पूर्व तीन दिन में तीन कोरोना संक्रमित मिलने से एकबार फिर से सनसनी फैल गई थी। हालांकि उसके बाद जांच के दौरान कोरोना संक्रमितों के नहीं मिलने से स्वास्थ्य विभाग भी राहत महसूस कर रहा है। जिला अस्पताल में सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक आरटीपीसीआर व एंटीजन टेस्ट कराया जा रहा है। यहां जिसे अति आवश्यक है वहीं आरटीपीसीआर जांच कराने पहुंच रहा है। अन्यथा लोग आरटीपीसीआर जांच कराने से बच रहे हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में कोविड जांच अनिवार्य करने के कारण लोग कोरोना एंटीजन टेस्ट मजबूरी में करा रहे हैं।

Edited By: Navneet Prakash Tripathi