गोरखपुर, जेएनएन। रेलवे के कारखानों और उत्पादन इकाइयों में कर्मचारियों की लेटलतीफी नहीं चलेगी। अब निर्धारित समय से ही कारखाने में प्रवेश और निकासी करनी होगी। रजिस्टर की हाजिरी मान्य नहीं होगी। बायोमेट्रिक से आनलाइन हाजिरी लगेगी। रेलवे बोर्ड ने बायोमेट्रिक से हाजिरी अनिवार्य कर दिया है।

बायोमेट्रिक मशीन की अनिवार्यता के लिए रेलवे बोर्ड ने समस्त जोनल कार्यालयों के संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी कर दिया है। पूर्वोत्तर रेलवे मुख्यालय गोरखपुर में ही तीन कारखाने हैं, जिनमें यांत्रिक कारखाना प्रमुख है। इस कारखाना में लगभग पांच हजार कर्मी तैनात हैं। जानकारों के अनुसार कर्मचारियों की बढ़ती अनुपस्थिति और लेटलतीफी की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए रेलवे बोर्ड ने बायोमेट्रिक मशीन को अनिवार्य किया है।

धूल फांक रहीं दफ्तरों में लगी बायोमेट्रिक मशीनें

रेलवे बोर्ड का यह फरमान कोई नया नहीं है। पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्यालय गोरखपुर स्थित लगभग सभी दफ्तरों में तो पिछले साल से ही बायोमेट्रिक मशीनें लगी हैं। पूर्वोत्तर रेलवे में लाखों खर्च के बाद भी यह मशीनें अभी तक चली नहीं हैं। दफ्तरों की दीवारों पर टंगी मशीनों शो पीस बनी हुई हैं। संबंधित अधिकारी और कर्मचारी भी इसको संज्ञान में नहीं लेते हैं। रेलवे प्रशासन की यही उदासीनता रही तो मशीनें बिना चले ही जर्जर होकर समाप्त हो जाएंगी। रेलवे प्रशासन के अनुसार साफ्टवेयर अपग्रेड नहीं होने से मशीनें कार्य नहीं कर रही हैं। लेकिन सवाल यह है कि साफ्टवेयर अपग्रेड होने में कितना समय लगता है। पूर्वोत्तर रेलवे में तो एक साल से ऊपर हो गए लेकिन आज तक किसी भी विभाग में आनलाइन हाजिरी नहीं लगी। यही स्थिति रही तो कारखानों में भी परवान चढऩे से पहले ही आनलाइन हाजिरी की व्यवस्था फाइलों में ही ध्वस्त हो जाएगी।

Posted By: Pradeep Srivastava

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