गोरखपुर, जेएनएन। आंसू निकालने पर आमादा प्याज से लोगों ने दूरी बनानी भी शुरू कर दी है। मांग कम होने के कारण फुटकर व्यापारियों का थोक मंडी में प्याज की दुकानों तक जाना कम हो गया है। थोक व्यापारियों की मानें तो पिछले 10 दिनों में प्याज की बिक्री में करीब एक तिहाई की कमी आई है। इन दुकानों पर अधिकतम 300 बोरी तक प्याज ही उपलब्ध है लेकिन अभी भी नई प्याज मंगाने से वे बच रहे हैं।

खराब होने लगी है प्‍याज

बिक्री न होने के कारण स्टॉक में रखी प्याज खराब होने लगी है, जिससे व्यापारियों को नुकसान का डर सता रहा है। करीब 10 दिन पहले तक प्याज के दाम अपेक्षाकृत कम होने के कारण तीन ट्रक माल की खपत हो जाती थी। पर, अब एक ट्रक माल मुश्किल से बिकता है। महाराष्ट्र, राजस्थान आदि बाजारों में प्याज के दाम में काफी बढ़ोत्तरी हुई है, जिसके कारण प्याज मंगाने से व्यापारी बच रहे हैं।

प्याज की मांग में आई कमी

महेवा मंडी के थोक व्यापारी शम्स परवेज राईन ने बताया कि प्याज के दामों में हुए इजाफे के कारण मांग में कमी आई है। लगन का सीजन होने के बावजूद दुकान पर सन्नाटा है। जितना स्टाक रखा है, उतना ही पर्याप्त है। फुटकर दुकानदार भी बहुत कम प्याज ले जा रहे हैं। बाहर के बाजार में दाम कुछ कम होने से शनिवार को नई प्याज 80 से 90 रुपये प्रतिकिलो जबकि पुरानी प्याज 90 रुपये प्रतिकिलो बिकी।

फुटकर बाजार से गायब हो रही प्याज

महंगाई का आलम यह है कि फुटकर बाजार से प्याज गायब हो रही है। ठेला लगाकर केवल प्याज बेचने वाले दुकानदार अब प्याज का ठेला लगाने से बच रहे हैं। शास्त्री चौक पर लगने वाले सब्जी बाजार में अब इक्का-दुक्का दुकानें ही रह गई हैं। यहां बड़े पैमाने पर प्याज के ठेले लगा करते थे। इन दुकानों पर भी जो ग्राहक खरीदारी करने आ रहे हैं वे किलो की बजाय पाव के हिसाब से रेट जान रहे हैं।

Posted By: Satish Shukla

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