गोरखपुर, जेएनएन। जनपद के सरकारी प्राइमरी व जूनियर स्कूल जलभराव से मुक्त होंगे। बारिश के दिनों में स्कूलों में होने वाले जलभराव को खत्म करने के लिए चिह्नित विद्यालयों में मिट्टी भरी जाएगी। मनरेगा से होने वाले इस कार्य के लिए योजना तैयार कर ली गई है। शासन ने बीएसए से ऐसे स्कूलों की सूची तत्काल उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।

योजना के तहत स्कूल परिसर से लेकर बाहर तक बच्‍चों के आने-जाने वाले रास्ते को भी जलभराव से मुक्त कराया जाएगा। बारिश के दिनों में  जलभराव के कारण जिले के कई स्कूलों को बंद करना पड़ता है। कई स्कूलों में बच्‍चों को मजबूरन पानी से ही गुजरकर स्कूल आना-जाना पड़ता है। कुछ स्‍कूल तो बंद ही हो जाया करते हैं। कछार क्षेत्र के स्‍कूलों की स्थिति तो काफी भयावह हो जाती है। वहां तो बाढ़ और बरसात के दिनों में स्‍कूल खुलते ही नहीं है। महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद ने सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को जलभराव वाले सभी स्कूलों की तत्काल सूची तैयार कर जिलाधिकारियों को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। 

 ये कार्य कराए जाएंगे

स्कूल के बाहर के हिस्से को भी ऊंचा किया जाएगा।  पानी निकासी के लिए नाले-नालियां बनाई जाएंगी। ब'चों के स्कूल आने-जाने वाले रास्ते भी दुरुस्त कराए जाएंगे। स्कूल परिसर में जहां गड्ढे होंगे उन्हें भरा जाएगा। जिन स्कूलों के मैदान नीचे होंगे उन्हें मिट्टी डालकर ऊंचा व समतल किया जाएगा, ताकि परिसर में पानी न भरे। स्कूल परिसर से पानी निकालने के लिए ड्रेनेज सिस्टम बनेगा। जिन स्कूलों के सामने सड़क ऊंची होगी और स्कूल नीचे होंगे वहां विशेष ड्रेनेज सिस्टम विकसित होगा।  गांव व कस्बों से स्कूल के रास्ते में जो गड्ढे होंगे, उन्हें भी मिट्टी भराई कर पाटा जाएगा।  जिला समन्वयक (निर्माण) रमेश चंद्र का कहना है कि शासन के निर्देश पर खंड शिक्षाधिकारियों से जलभराव वाले स्कूलों की सूची मांगी गई है।   

Edited By: Satish Chand Shukla