गोरखपुर, जागरण संवाददाता : प्रवर्तन निदेशालय लखनऊ की टीम ने देवरिया चीनी मिल को सील कर दिया। साथ ही प्रवर्तन निदेशालय के उप निदेशक पुगालिया चंदन राजेंद्र की तरफ मिल गेट पर नोटिस अंकित कराया, जिसमें कहा गया है कि चीनी मिल की खरीद, बिक्री करने के अलावा मिल को गिरवी रखने या उपहार देने पाबंदी लगाई गई है।

औने-पौने दाम पर बेच दी गई चीनी मिलें

पूर्ववर्ती बसपा सरकार में उप्र राज्य चीनी निगम की तीन चीनी मिलें देवरिया, बैतालपुर व भटनी को औने-पौने दाम पर बेच दी गई। देवरिया चीनी मिल वर्ष 2006-07 में बंद हो गई थी। 14 फरवरी 2011 को इस चीनी मिल को आइकान सुगर मिल्स प्राइवेट लिमिटेड व नम्रता मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड सविता विहार नई दिल्ली के हाथों 13.91 करोड़ रुपये में बिक्री की गई। नम्रता मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड पूर्ववर्ती बसपा सरकार के समय एमएलसी रहे सहारनपुर के कारोबारी मोहम्मद हाजी इकबाल की बताई जा रही है। प्रवर्तन निदेशालय के दो सदस्यीय टीम में प्रवर्तन निदेशालय के सहायक निदेशक राहुल वर्मा व सहायक प्रवर्तन अधिकारी दिनेश चौधरी शामिल रहे। सहयोग में लेखपाल को लगाया गया था।

ईडी की कार्रवाई को लेकर शहर में हलचल

प्रवर्तन निदेशालय की टीम के देवरिया चीनी मिल सील करने की कार्रवाई की हलचल शहर के विभिन्न इलाकों में रही। सभी लोग चर्चा कर रहे थे कि अरबों की संपत्ति करोड़ में बेच दी गई। जिसका उपयोग भी नहीं हुआ। नौ साल बाद भी न तो कोई मिल लगी और न तो किसानों के लिए कोई पहल की। हर लोग ईडी की कार्रवाई की सराहना कर रहे थे।

पिकअप की ठोकर से चार घायल

देवरिया-कसया मार्ग पर बालाजी मंदिर के निकट पिकअप ने दो मोटरसाइकिलों में ठोकर मार दी। जिससे उस पर सवार चार लोग घायल हो गए। इसमें बघौचघाट के नसरुद्दीन, अलाउद्दीन, रैती खातून, रिजवान शामिल हैं। घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया। दो की हालत गंभीर बताई जा रही है।

 

Edited By: Rahul Srivastava