गोरखपुर, जागरण संवाददाता। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में पहली बार जिले में एक भी संक्रमित केस नहीं मिला है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से बुधवार को जारी रिपोर्ट में शहर व ग्रामीण क्षेत्र में कोरोना से कोई संक्रमित नहीं मिला। हालांकि जिले में कोरोना के सक्रिय मामले अभी 41 हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के अफसर कोविड प्रोटोकाल का पूरी तरह पालन करने की अपील कर रहे हैं।

बुधवार को जिले में 45 सौ नागरिकों की कोरोना संक्रमण की जांच हुई है। रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट पर भी जांच चलती रही। हालांकि बकरीद होने के कारण अस्पतालों की ओपीडी और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर लोग कम पहुंचे। सीएमओ डा. सुधाकर पांडेय ने कहा कि एक भी संक्रमित न मिलना राहत की बात है लेकिन हमें सतर्कता में कोई कमी नहीं छोडऩी है। खांसी, बुखार, नाक से पानी आ रहा हो तो डाक्टर को जरूर दिखा लें। यह लक्षण वायरल के हैं। इस मौसम में यह बीमारी आम है लेकिन डाक्टर से परीक्षण और जांच करा लेने से इलाज में आसानी हो जाती है। यदि कोई दिक्कत लग रही हो तो कोरोना संक्रमण की जांच जरूर करा लें।

कोई मौत नहीं

राहत की एक और खबर है। जिले में बीते 24 घंटे में कोरोना संक्रमण से एक भी मौत नहीं हुई। पिछले साल से अब तक जिले में कोरोना संक्रमण के 59 हजार 346 मामले आ चुके हैं। इनमें से 58 हजार 458 नागरिक ठीक हो चुके हैं। 847 की मौत हो चुकी है। हालांकि मृतकों का वास्तविक आंकड़ा इससे बहुत ज्यादा है।

मार्च के आखिर में बढऩे लगे थे मामले

पिछले साल दिसंबर से कोरोना संक्रमण की रफ्तार थम सी गई थी। लोग बेफिक्र हो गए थे। होली के बाद मार्च के आखिर में कोरोना संक्रमण अचानक बढऩे लगा था। जब तक लोग संभले तब तक रोजाना हजार से ज्यादा संक्रमित मिलने लगे थे।

छुट्टी में भी टीका लगवाने उमड़े लोग

बकरीद का अवकाश होने के बाद भी बुधवार को कोरोना से बचाव का टीका लगवाने के लिए लोग बूथों पर उमड़े। जिला महिला अस्पताल, जिला अस्पताल और संक्रमक रोग अस्पताल के सामने घंटों लाइन लगी रही।

स्वास्थ्य विभाग ने जिले में 47 बूथ बनाए थे। इन पर 11 हजार 13 नागरिकों को टीका लगाया गया। 8591 नागरिकों ने पहली और 2422 ने टीके की दूसरी डोज लगवाई। सबसे ज्यादा 620 नागरिकों को टीका महिला अस्पताल में लगा। संक्रामक रोग अस्पताल में 573, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में 562 नागरिकों को टीका लगा। ग्रामीण इलाकों में सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी टीके लगाए गए।