गोरखपुर, जेएनएन। छठ पर्व बाद दिल्ली, मुंबई और पंजाब जाने वाले यात्रियों की परेशानियां बढ़ गई हैं। किसी भी ट्रेन में न कंफर्म आरक्षित टिकट मिल रहा और न जनरल बोगी में सीट। गोरखधाम की स्थिति तो बेहद खराब है। सुबह से लाइन में लगने के बाद भी सीट नहीं मिल पा रही है। रेलवे द्वारा कई स्‍पेशल ट्रेनें और कई ट्रेनों में स्‍पेशल बोगियां लगाने के बाद भी यात्रियों को राहत नहीं मिल रही है।

जनरल बोगियों में पैर रखने की जगह नहीं

मंगलवार को भी गोरखधाम पूरी तरह से भरकर गई। जनरल बोगियों में पैर रखने की जगह नहीं बची थी। कुछ यात्री टॉयलेट में खड़े होकर रवाना हुए। अधिकतर गेट पर खड़ा होने के लिए मजबूर थे। लाइन में लगने के बाद भी सीट के लिए लोगों को धक्कामुक्की करनी पड़ी।

स्‍पेशल ट्रेनें भी फुल

जानकारों का कहना है कि एक सप्ताह तक राहत मिलने वाली नहीं है। स्पेशल ट्रेनें भी फुल हो चुकी है। कंफर्म टिकट नहीं मिल रहा। सर्वाधिक परेशानी जनरल टिकट पर यात्रा करने वालों को हो रही है। दिल्ली अब हिसार तक गोरखपुर से रोजाना चलने वाली 12555 गोरखधाम में सिर्फ जनरल बोगियां लगती हैं। इन सात बोगियों के भरोसे गोरखपुर व बस्ती मंडल के अलावा नेपाल और बिहार के यात्री है। अन्य कोई दूसरी ट्रेन है नहीं। बिहार से दिल्ली जाने वाली गाडिय़ां पहले से ही फुल रहती हैं। ऐसे में अधिकतर यात्री सुबह से ही गोरखपुर स्टेशन पर डेरा जमा लेते हैं। इसके बाद भी उन्हें सीट नहीं मिलती।

सात बोगियों में ढाई से तीन हजार यात्री

सात बोगियों में रोजाना औसत ढाई से तीन हजार यात्री रवाना हो रहे हैं। रेलवे प्रशासन भी जनरल टिकट पर यात्रा करने वाले यात्रियों को राहत नहीं पहुंचा पा रहा है। पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन के अलावा जन प्रतिनिधि भी गोरखपुर से दिल्ली के बीच एक और नई ट्रेन चलाने की मांग कर रहे हैं। सदर सांसद ने तो संसद में भी पूर्वांचल के यात्रियों की समस्याएं उठाई थीं। लेकिन रेल मंत्रालय को पूर्वांचल के इन यात्रियों की सुध नहीं है।

Posted By: Pradeep Srivastava

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