गोरखपुर : इंस्पेक्टर (प्रभारी निरीक्षक) स्तर के थानों में तीन अतिरिक्त इंस्पेक्टर की तैनाती के आदेश पर जनपद में अभी तक अमल नहीं हो पाया है। डीजीपी ने दो माह पहले ही प्रदेश के सभी जिलों में इंस्पेक्टर स्तर के सभी थानों में तीन अतिरिक्त इंस्पेक्टर तैनात करने का आदेश दिया था। इसके बाद प्रयोग के तौर पर जिले में गोरखनाथ और कैंट थाने में अतिरिक्त इंस्पेक्टर की तैनाती की गई थी लेकिन दोनों थानों में सिर्फ एक-एक इंस्पेक्टर ने ही कार्यभार ग्रहण किया। अन्य थानों में अतिरिक्त इंस्पेक्टर तैनात करने की प्रक्रिया ही अभी नहीं शुरू हुई है।

इंस्पेक्टर पर कानून-व्यवस्था के साथ ही अपराध और मुकदमों की विवेचना के दबाव को कम करने के लिए डीजीपी ने यह आदेश दिया था। उनकी तैनाती अतिरिक्त इंस्पेक्टर अपराध, अतिरिक्त इंस्पेक्टर कानून-व्यवस्था और अतिरिक्त इंस्पेक्टर प्रशासन पदनाम से होनी है। तीनों अतिरिक्त इंस्पेक्टर का कार्य दायित्व उनके पदनाम के अनुसार निर्धारित किया गया है। डीजीपी ने अपने निर्देश में इंस्पेक्टर की उपलब्धता न होने पर सब इंस्पेक्टर को इस पद पर नियुक्त करने की बात कही है। तैनाती में वरिष्ठता का विशेष रूप से ध्यान रखने का निर्देश है।

डीजीपी के इस आदेश के बाद गोरखपुर में एसएसपी ने गोरखनाथ और कैंट थाने में तीन-तीन अतिरिक्त इंस्पेक्टर की तैनाती का आदेश जारी किया था। दोनों थानों में एक-एक अतिरिक्त इंस्पेक्टर ने तो कार्यभार ग्रहण कर लिया लेकिन शेष कार्यभार ग्रहण करने नहीं पहुंचे। जनपद में महिला थाना सहित कुल 26 थाने हैं। इसमें से 23 थाने इंस्पेक्टर स्तर के हैं।

इस संबंध में एसएसपी शलभ माथुर का कहना है कि जनपद में इंस्पेक्टर की कमी थी। इसलिए थानों में अतिरिक्त इंस्पेक्टर की तैनाती नहीं हो पा रही थी। दूसरे जिलों से इंस्पेक्टर का तबादला गोरखपुर के लिए हुआ है। उनके गोरखपुर में कार्यभार ग्रहण करते ही थानों में अतिरिक्त इंस्पेक्टर की तैनाती कर दी जाएगी।

Posted By: Jagran