गोरखपुर, जेएनएन। शाहपुर पुलिस डेढ़ माह बाद भी राखी श्रीवास्तव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट हासिल नहीं कर पाई है। विवेचक और सह विवेचक कई बार जांच करने नेपाल के पोखरा जा चुके हैं। साक्ष्य जुटाने में हो रही देरी का कारण पुलिस मामला दूसरे देश से जुड़ा होना बता रही है।

5 जून 2018 को नेपाल, कास्की के  पोखरा में पहाड़ी के नीचे भारतीय महिला का शव मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला की हत्या किए जाने का प्रमाण मिला। नेपाल पुलिस से जानकारी मिलने पर एसटीएफ ने जांच शुरू की तो पता चला कि शव बिछिया कॉलोनी में रहने वाली राजेश्वरी श्रीवास्तव उर्फ राखी का है। जांच में पता चला कि राखी अपने पति मनीष के साथ काठमांडू घूमने गई थी। लौटते समय भैरहवा में उसकी मुलाकात आर्यन हास्पिटल के संचालक डॉ. डीपी सिंह से हुई। हास्पिटल के दो कर्मचारियों की मदद से राखी का अपहरण कर डॉ. डीपी सिंह पोखरा चला गया। यहां नशे की गोली खिलाने के बाद उसे पहाड़ी पर ले गया और नीचे फेंक दिया। घटना को अंजाम देने के बाद डॉ. और उसके सहयोगी गोरखपुर लौट आए। जांच में मिले साक्ष्य के आधार पर एसटीएफ ने 21 दिसंबर की सुबह डॉ. डीपी सिंह और उसके कर्मचारी प्रमोद सिंह और देश दीपक मिश्र को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में इन लोगों ने वारदात को अंजाम देने की बात कबूल की। मामले की विवेचना गोरखनाथ थाना प्रभारी को मिली है। कौआबाग चौकी प्रभारी सह विवेचक है।   

कार्रवाई होगी : एसएसपी

गोरखपुर के एसएसपी डॉ. सुनील गुप्ता ने कहा कि डेढ़ माह बाद भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट न मिलने का मामला गंभीर है। विवेचक को तलब कर तक हुई कार्रवाई की जानकारी ली जाएगी। लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई होगी।

Posted By: Pradeep Srivastava

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