गोरखपुर। Navratri 2022: शारदीय नवरात्र सोमवार से शुरू होगा। इस बार नवरात्र नौ दिनों का है। प्रथम दिन श्रद्धालु कलश स्थापना कर भगवती की पूजा-अर्चना करेंगे और नवरात्र व्रत का संकल्प लेंगे। पूरे नवरात्र दुर्गा सप्तशती का पाठ करेंगे। घरों व मंदिरों में नवरात्र व्रत की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। साफ-सफाई के बाद पूजा सामग्री की खरीदारी देर रात तक होती रही।

इन मंदिरों में उमड़ेगा जनसैलाब

तरकुलहा देवी मंदिर, बुढ़िया माई मंदिर, काली मंदिर गोलघर, दाउदपुर व रेती चौक में साफ-सफाई कर दी गई है। श्रद्धालुओं की भीड़ के दृष्टिगत स्वयं सेवक तैयार कर दिए गए हैं, ताकि सभी को आसानी से मां का दर्शन हो सकें। मंदिराें के बाहर मेले का दृश्य है। पूजन- सामग्री की दुकानें सज गई हैं। पं. शरदचंद्र मिश्र ने बताया कि चार अक्टूबर को दोपहर 1.30 बजे तक ही नवमी है, इसके पहले ही दुर्गा पाठ, हवन व कन्या पूजन किया जाएगा। इसके बाद दशमी लग रही है, इसलिए विजयादशमी का पर्व भी चार अक्टूबर को ही मनाया जाएगा। तीन अक्टूबर को महाष्टमी व्रत रहा जाएगा। पूरे नवरात्र व्रत रहने वाले पांच अक्टूबर को पारण करेंगे।

गरबा और डांडिया नृत्य से मां दुर्गा की आराधना करेंगी महिलाएं

नवरात्र में डांडिया और गरबा नृत्य से महिलाएं मां दुर्गा की आराधना करेंगी। गरबा नृत्य मां दुर्गा की मूर्ति या उनके लिए जलाई गई ज्योति के चारो ओर घूमकर किया जाता है। डांडिया के माध्यम से मां दुर्गा और महिषासुर के बीच युद्ध को दर्शाया जाता है। प्रगति सिंधी क्लब एक अक्टूबर को शिप्रा लान में राक आन डांडिया कार्यक्रम का आयाेजन कर रहा है। इस नृत्य में हिस्सा लेने के लिए महिलाएं 15 दिनों से प्रैक्टिस कर रही हैं।

प्रगति सिंधी क्लब की अध्यक्ष कविता नेभानी ने कहा कि नवरात्र में शक्ति की देवी मां दुर्गा की आराधना होती है। इस अवसर पर डांडिया और गरबा की वर्षों से परंपरा चली आ रही है। इस परंपरा में सहभागिता दर्ज कराने के लिए महानगर की सैकड़ों महिलाएं प्रैक्टिस कर रही हैं। डांडिया और गरबा न सिर्फ मनाेरंजन के लिए हैं वरन इनसे शरीर को अच्छा व्यायाम करने का मौका मिल जाता है। इस दौरान गरिमा मृगवानी, सीमा लधानी, अंजू मंझानी, सोनी, पायल, राधिका, रीत, निशी, वर्षा आदि मौजूद रहीं।

Edited By: Pradeep Srivastava

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