गोरखपुर, जागरण संवाददाता। गोरखनाथ मंदिर में शारदीय नवरात्र की नवमी और विजयदशमी का पर्व एक ही दिन चार अक्टूबर को मनाया जाएगा। यानी गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ परंपरागत रूप से सुबह नवमी के अवसर पर कन्या पूजन करेंगे और शाम को उनकी परंपरागत विजय शोभायात्रा धूमधाम से निकलेगी। नवरात्र पूजन से लेकर विजयदशमी तक के आयोजन की रूपरेखा मंदिर प्रबंधन ने तैयार कर ली है।

26 सितंबर को मंदिर के शक्तिपीठ में कलश स्थापना के साथ शुरू होगी नवरात्र पूजा

संपूर्ण कार्यक्रम की जानकारी देते हुए मंदिर के प्रधान पुजारी कमलनाथ ने बताया कि शारदीय नवरात्र के प्रारंभ अवसर पर 26 सितंबर को शाम पांच बजे मंदिर के शक्तिपीठ में कलश स्थापना की जाएगी। इसके पहले साधु-संतों की शोभा यात्रा शक्तिपीठ से निकलेगी, जो भीम सरोवर पहुंचकर कलश में जल भरेगी। कलश स्थापना के बाद विजयदशमी तक प्रतिदिन शक्तिपीठ में सुबह-शाम चार से छह बजे तक श्रीमद्देवी भागवत कथा और दुर्गा सप्तशती का पाठ किया जाएगा। दो अक्टूबर को निशा-पूजन व हवन होगा। तीन अक्टूबर को महाअष्टमी पूजा और चार अक्टूबर को महानवमी अनुष्ठान होगा।

चार अक्टूबर को ही मनाई जाएगी विजयदशमी

नवमी-दशमी एक ही दिन होने के चलते चार अक्टूबर को ही विजयदशमी भी मनाई जाएगी। विजयदशमी पर निकलने वाली शोभायात्रा गोरखनाथ मंदिर से प्रस्थान कर मानसरोवर मंदिर पहुंचेगी, जहां गोरक्षपीठाधीश्वर देव-विग्रहों का पूजन व अभिषेक करेंगे। उसके बाद शोभायात्रा अंधियारीबाग रामलीला मैदान पहुंचेगी, जहां गोरक्षपीठाधीश्वर भगवान श्रीराम का राजतिलक करेंगे। वहां उनका रामलीला के मंच से संबोधन भी होगा। रामलीला मैदान के आयोजन के बाद शोभायात्रा गोरखनाथ मंदिर वापस लौटेगी, जहां शाम सात बजे प्रसाद वितरण और अतिथि भोज होगा।

चार अक्टूबर को होने वाले आयोजन

सुबह 8:21 बजे : श्रीनाथ का विशिष्ट पूजन व देव-विग्रह पूजन

सुबह 11 बजे : कुमारी कन्या का पूजन

दोपहर एक बजे : गोरक्षपीठाधीश्वर का तिलकोत्सव (तिलक)

शाम चार बजे : गोरक्षपीठाधीश्वर की विजय शोभायात्रा

शाम सात बजे : गोरखनाथ मंदिर में प्रसाद वितरण।

Edited By: Pradeep Srivastava

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