गोरखपुर, जागरण संवाददाता। गोरखपुर नगर निगम महानगर की आबोहवा की सेहत भी दुरुस्त करेगा। इसके लिए निगम को पहली बार ग्रीन फंड मिलने वाला है। नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (एन-कैप) के तहत निगम को पर्यावरण एवं वन विभाग की ओर से नौ करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी।

पहली बार मिलेगा नौ करोड़ रुपये का ग्रीन फंड

एन-कैप के तहत मिलने वाली धनराशि का उपयोग हवा में पीएम 2.5 व पीएम 10 के स्तर को वर्ष 2024 तक 20 से 30 प्रतिशत कम करने के उपायों व संसाधनों पर खर्च किया जाएगा। इसका आधार वर्ष 2017 तय किया गया है। यानी गोरखपुर में 2017 में रिकार्ड किए गए पीएम 2.5 व पीएम 10 के स्तर में 20 से 30 प्रतिशत कमी ले आनी है।

अपर मुख्य सचिव ने जल्द मांगा प्रस्ताव

नगर विकास के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने नगर आयुक्त अविनाश सिंह से वायु प्रदूषण को कम करने के लिए जरूरी संसाधनों की खरीद को जल्द से जल्द प्रस्ताव देने को कहा है। इसके बाद नगर आयुक्त ने अफसरों व अभियंताओं के साथ बैठक कर धनराशि के उपयोग की रूपरेखा तय की।

यह कार्य होगा

वाटर स्प्रिंकलर टैंकर, मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीन, ड्रिप इरिगेशन सिस्टम व वाटर पाइप लाइन, वाटर फाउंटेन, लैंड स्केपिंग, पौधरोपण व वर्टिकल गार्डेन की स्थापना।

वायु प्रदूषण ज्यादा

महानगर भी प्रदूषित शहरों में शामिल है। महानगर की हवा में प्रदूषक तत्वों की मात्रा राष्ट्रीय मानक से अधिक होने के कारण इसमें कमी ले आने की पहल की गई है। गजरौली, सहारनपुर, मेरठ के साथ गोरखपुर भी नए नान एटेनमेंट सिटीज में शुमार किया जाने लगा है। नान एटेनमेंट सिटीज में उन शहरों को शामिल किया जाता है जो नेशनल एंबिएंट एयर क्वालिटी स्टैंडर्ड (नाक्स) को बनाए रखने में पिछले पांच साल से असफल रहे हैं।

महानगर में वायु प्रदूषण खत्म करने के लिए नगर निगम लगातार काम कर रहा है। समय-समय पर सड़कों व पेड़-पौधों पर पानी का छिड़काव कराया जाता है। अब ग्रीन फंड मिलने पर संसाधनों में बढोतरी कर वायु प्रदूषण को खत्म किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर स्व'छ महानगर, स्वस्थ महानगर बनाया जा रहा है। - अविनाश सिंह, नगर आयुक्त।

Edited By: Pradeep Srivastava