गोरखपुर, जेएनएन। कोरोना के चलते देश के कोने-कोने से अपने घरों को लौटे कामगारों को अपने मूल स्थान पर ही रोजगार मिल सके, इसके लिए सांसद रवि किशन ने गोरखपुर में नेशनल स्मॉल इंडस्ट्रीज कार्पोरेशन (एनएसआइसी) का ट्रेनिंग सेंटर खोलने की मांग उठाई है।

केंद्रीय मंत्री और मुख्‍यमंत्री को लिखा पत्र

इस बाबत उन्होंने केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है। पत्र में सांसद ने कहा है कि ट्रेनिंग सेंटर खुल जाने से पूर्वी उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि बिहार के कामगार भी प्रशिक्षित होकर अपने घर में रोजगार का रास्ता तलाश लेंगे। इससे प्रदेश की आर्थिक स्थिति भी बेहतर होगी। यदि ऐसा होता है कि आने वाले समय में प्रदेश के कामगारों के पलायन को भी रोका जा सकेगा।

सांसद रविबकशिन ने कहा कि कोरोना के कारण दूसरे जिलों या दूसरे प्रदेशों में काम कर रहे गोरखपुर के कामगार बेरोजगार हो गए हैं। कुछ लोगों ने तो गांव में ही रहकर अपना खेत-बारी शुरू कर दिया है। उन्‍होंने उसे ही रोजगार बना लिया है। कुछ लोगों ने साग-सब्‍जी पैदा करना शुरू कर दिया है। जहां तक दक्ष कामगार की बात है तो उन्‍हें गांव में रोजगार नहीं मिल रहा है। इसलिए वह परेशान हैं। जहां पर वे काम कर रहे थे, वहां से उन्‍हें लौटा दिया गया है। ऐसे में ट्रेनिंग सेंटर खोलना ही इसका उपाय है।

अपना रोजगार करेंगे प्रवासी कामगार

सांसद ने कहा कि ट्रेनिंग सेंटर खुलने से लोगों को प्रशिक्षण मिलेगा। उसके बाद लोग खुद अपना काम करेंगे। इससे उन्‍हें दूर भी नहीं जाना पड़ेगा और किसी पर निर्भर भी नहीं रहना पड़ेगा। वह अपना रोजगार करेंगे ही, परिवार के सदस्‍य भी उनके रोजगार में हाथ बंटाएंगे। उन्‍होंने कहा कि गोरखपुर में ट्रेनिंग सेंटर की बहुत जरूरत है। उन्‍होंने लोगों से अनुरोध किया है कि कोरोना से बचाव का एक ही मात्र उपाय है कि आप फिजीकल डिस्‍टेंसिंग का पालन करें। शारीरिक दूरी बनाएं रखने से कोरोना का संक्रमण नहीं होगा। उन्‍होंने लोगों को काढ़ा पीने की सलाह दी है। 

Posted By: Satish Shukla

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