सिद्धार्थनगर, जागरण संवाददाता। 48 घंटे से हो रही बारिश गुरुवार की सुबह रुक गई। आसमान पर बादल छाए रहे। तेज पुरुवा हवा चलने से तापमान सामान्य रहा। वहीं नेपाल के पहाड़ से नदियों में पानी आने की गति भी कम हुई। इससे नदी व पहाड़ी नालों का जलस्तर कम होने लगा। बानगंगा व कूड़ा नदी खतरे का निशान छूने के बाद नीचे आ गई। चिन्हित संवेदनशील बांधों पर नदियों ने दबाव बनाना शुरू कर दिया था। 48 घंटे में बूढ़ी राप्ती के जलस्तर में करीब चार मीटर की बढ़ोत्तरी हुई थी। अब यह भी धीमी गति से उतरने लगी है। वहीं घोघी नदी के जलस्तर में बढ़ोत्तरी हुई है। इस नदी के स्तर में 1.80 मीटर बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। खेती-किसानी में तेजी आ गई है। गांवों में धान की रोपाई शुरू हो गई है। 12 घंटे में सर्वाधिक बारिश बानगंगा बैराज पर दर्ज की गई।

खतरे के निशान तक पहुंच गई थी बानगंगा और कूड़ा नदी

सिंचाई विभाग के अनुसार 12 घंटों में बानगंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 1.920 मीटर नीचे आ गया है। राप्ती का जलस्तर 16 सेमी कम हुआ है। यह नदी खतरे के निशान से 4.320 मीटर नीचे बह रही है। बूढ़ी राप्ती के स्तर में आठ सेमी कमी आई है। यह नदी खतरे के निशान से 74 सेमी नीचे बह रही है। उसका बाजार रेलवे पुल पर कूड़ा नदी के जलस्तर में 24 सेमी कमी आई है। यह खतरे के निशान से 2.39 मीटर नीचे है। आलमनगर गेज पर कूड़ा नदी 70 सेमी कम हुई है। यह खतरे के निशान से इतना ही नीचे बह रही है। घोघी नदी खतरे के निशान से 2.1 मीटर नीचे है। पहाड़ी नाला तेलार व जमुआर खतरे के निशान से काफी नीचे है। जमुआर नाला स्थिर है।

नदियों का जलस्तर (गुरुवार सुबह आठ बजे)

नदी- खतरे का निशान (मी.)- जलस्तर (मी.)

बानगंगा- 93.420- 91.500

राप्ती- 84.900- 80.580

बूढ़ी राप्ती- 85.650- 84.910

कूड़ा (उसका बाजार)- 83.520- 81.130

कूड़ा (आलमनगर)- 87.200- 86.500

घोघी- 87.000- 84.900

तेलार (पहाड़ी नाला)- 87.500- 84.700

जमुआर (पहाड़ी नाला)- 84.890- 81.230

देवरिया में नदियां उफान पर

देवरिया जिले में दो दिनों से जनपद में हो रही लगातार वर्षा के चलते नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है। राप्ती, गोर्रा के साथ ही गंडक नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। जिसके चलते तटवर्ती क्षेत्रों के लोग भयभीत हैं। गुरुवार को दोपहर 12 बजे तक राप्ती नदी 65.65 मीटर तथा गोर्रा नदी 65.30 मीटर पर प्रवाहित हो रही है। राप्ती और गोर्रा का डेंजर लेवल 70.50 मीटर है। नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बाढ़ विभाग के अधिकारी लगातार तटबंधों के हो रहे मरम्मत कार्य की मानीटरिंग कर रहे हैं। बाढ़ विभाग के अधिशासी अभियंता नरेंद्र जाडिया ने बताया कि बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है। अभी कहीं कोई खतरा नहीं है। फिर भी सतर्कता बरती जा रही है।

महराजगंज में रोहिन और चंदन में उफान : नेपाल की पहाड़ियों पर हो रही वर्षा से जिले की नदियों का जलस्तर लगभग बढ़ गया है। बड़ी गंडक यानि की नारायणी नदी के अलावा प्यास, महाव और राप्ती में वर्षा बंद होने के बाद जलस्तर सामान्य है, लेकिन रोहिन और चंदन नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है । रोहिन नदी में बुधवार को जहां जलस्तर 79.56 मीटर दर्ज किया गया था, वहीं गुरुवार को यह बढ़कर 80.73 मीटर हो गया। इसी प्रकार चंदन नदी 101.0 से बढ़कर 101.40 मीटर हो गया है । इसके अलावा अन्य नदियों के जलस्तर में कमी दर्ज की गई है।

कुशीनगर में गंडक का घटा जलस्तर : कुशीनगर में वाल्मीकिनगर बैराज से बुधवार की सुबह से गंडक नदी में पानी का डिस्चार्ज बढ़ते हुए सुबह आठ बजे एक लाख 42 हजार एक सौ, 12 बजे एक लाख 86 हजार दो सौ, दो बजे दो लाख 12 हजार दो सौ, शाम चार बजे दो लाख 27 हजार, शाम छह बजे दो लाख 67 हजार क्यूसेक रहा। रात आठ बजे डिस्चार्ज में कमी होकर दो लाख 60 हजार आठ सौ क्यूसेक हो गया। गुरुवार की सुबह सात बजे दो लाख 27 हजार क्यूसेक, दिन में एक बजे दो लाख छह हजार चार सौ क्यूसेक डिस्चार्ज रहा। इससे गंडक नदी के जलस्तर में कमी आयी है।

Edited By: Pradeep Srivastava