गोरखपुर, जेएनएन। सितंबर के अंत में लगातार पांच दिन हुई बारिश ने इस वर्ष के मानसूनी सीजन को बीते छह वर्ष में सबसे ऊपर पहुंचा दिया है। एक जून से 30 सितंबर के माने जाने वाले मानसूनी सीजन में इस वर्ष 1137 मिलीमीटर वर्षा रिकार्ड की गई है, जो औसत से 17 फीसद अधिक है। बीते वर्षो के मानसूनी सीजन में हुई बारिश के आंकड़ों पर अगर गौर करें तो इससे अधिक बारिश का आंकड़ा 2013 में ही मिलेगा।  2013 मे 1510.6 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई थी।

सितंबर महीने में औसत से 107 मिलीमीटर अधिक हुई वर्षा

अगर सितंबर महीने की बारिश की बात करें तो वह औसत से 107 मिलीमीटर अधिक हुई है। इस वर्ष सितंबर में 474 मिलीमीटर बारिश हुई है। सितंबर में होने वाली यह वर्षा बीते सात वर्ष में सर्वाधिक है। इससे पहले 2012 में 517 मिलीमीटर वर्षा रिकार्ड की गई थी। इस वर्ष के मानसूनी सीजन में माहवार बारिश पर गौर करें तो जून और अगस्त में औसत से कम वर्षा हुई जबकि जुलाई और सितंबर में औसत से काफी अधिक बारिश हुई है। बारिश यदि यहीं नहीं थमी तो यह धान की फसल के लिए नुकसानदायक साबित होगी।

नम पुरवा हवाओं के कारण हुई अधिक वर्षा

मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय ने बताया कि सितंबर में भारी वर्षा का कारण दक्षिण पूर्व और उत्तर पूर्व उत्तर प्रदेश में लंबे समय तक निम्न वायुदाब क्षेत्र का बना रहना रहा। इस वायुमंडलीय माहौल में बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम पुरवा हवाओं ने गोरखपुर और आसपास के क्षेत्रों में जमकर बारिश की।

भारी वर्षा वाले दिनों की संख्या 42 वर्ष में सर्वाधिक

मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय ने बताया कि इस वर्ष के मानसूनी सीजन में भारी वर्षा के आठ दिन रहे। अगर इसके आंकड़ों पर गौर करें तो यह पिछले 42 वर्ष में सर्वाधिक है। इससे पहले 2008 में भारी वर्षा वाले दिनों की संख्या सात रिकार्ड की गई थी। 24 घंटे में 64 मिलीमीटर से भारी अधिक बारिश वाले दिन को भारी वर्षा का दिन कहा जाता है।

बीते सात साल का मानसूनी बारिश का आंकड़ा

वर्ष              बारिश (मिमी में)

  2013                1510.6

  2014                  842.1

  2015                  865.0

  2016                  944.0

  2017                 1103.0

  2018                 1083.2

  2019                 1330.9

Posted By: Pradeep Srivastava

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