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गोरखपुर, जेएनएन। शासन के चाहने के बाद भी सिचाई विभाग में चल रहे बाढ़ बचाव के कार्य में ठेकेदार व अफसरों की गठजोड़ से मानक के साथ खेल किया जा रहा है। सहजनवां-डुमरिया बाबू बांध के सुरगहना गांव के पास बन रहे ठोकर की हकीकत देखने विधायक शीतल पांडेय पहुंच गए। निर्माण कार्य में गड़बड़ी देखकर मौजूद अधीक्षण अभियंता दिनेश सिंह पर वह बिफर पड़े। उन्होंने सवाल किया कि इसे जून में ही पूरा हो जाना चाहिए, अब तक कार्य चल रहा है। आखिर अभी तक निर्माण कार्य क्यों नहीं पूरा हुआ। इस सवाल का वह जवाब नहीं दे पाए।

मालूम हो कि सहजनवां तहसील के पाली ब्लाक में आने वाले दर्जनों गांवों को बचाने के लिए राप्ती नदी के दाहिने तरफ सहजनवां-डुमरिया बाबू बांध का निर्माण कराया गया है। सुरगहना गांव के पास नदी की कटान देखकर लगभग सात करोड़ की लागत से तीन ठोकर बनाए जा रहे है। ठोकर के निर्माण कार्य जून में पूरा होना था मगर अभी तक कार्य आधा-अधूरा पड़ा है। ग्रामवासियों की शिकायत के बाद भाजपा विधायक शीतल पांडेय निर्माणाधीन ठोकर की हकीकत देखने सिचाई विभाग ड्रेनेज खंड के अफसरों के साथ पहुंच गए। निर्माण कार्य के दौरान मानकों की अनदेखी पाई गई है। इसके अलावा समय सीमा खत्म होने के बाद भी कार्य पूरा नहीं हो सका है। ड्रेनेज खंड के अधीक्षण अभियंता दिनेश सिंह को उन्होंने इसके लिए सीधे जिम्मेदार ठहराया।

विधायक ने दो टूक शब्दों में कहा कि विभाग के कार्यों में लापरवाही दिख रही है और सरकार की बदनामी भी हो रही है। उसी दौरान कुछ किसान अपना बकाया मुआवजा नहीं मिलने की शिकायत लेकर पहुंच गए।

अधीक्षण अभियंता दिनेश सिंह ने बताया कि किसानों के मुआवजे के भुगतान की फाइल डीएम को भेजी गई है। निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता उपेंद्र चंद्रा, एई अवधेश कुमार, जेई नवीन कुमार, दिगंबर पांडेय समेत तमाम लोग उपस्थित रहे।

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Posted By: Jagran

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