गोरखपुर, जेएनएन। गोरखपुर के नोडल अधिकारी एवं अपर मुख्य सचिव चीनी उद्योग एवं गणना विकास व आबकारी संजय आर भूसरेड्डी ने निर्देश दिया है कि एक कोरोना संक्रमित के संपर्क में आए कम से कम 10 लोगों की जांच की जाए। उन्होंने कहा कि निजी अस्पताल चिकित्सा विभाग की ओर से प्राप्त एंटीजन किट से लोगों की निश्शुल्क जांच करेंगे।

नोडल अधिकारी ने सभी सीएचसी एवं पीएचसी प्रभारियों को दिया निर्देश

जिले के नोडल अधिकारी ने तीन दिवसीय गोरखपुर दौरे के दूसरे दिन कोविड 19 की रोकथाम के लिए स्थापित एकीकृत कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया। उन्होंने कंट्रोल रूम के सभी विभागों के काउंटर देखे और रजिस्टर का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि कोरोना पर नियंत्रण के लिए जनता का भी सहयोग चाहिए। फिजिकल डिस्टेंसिंग एवं मास्क का प्रयोग जरूर करना है। अनावश्यक घर से बाहर न निकलें। निरीक्षण के दौरान सीएमओ ने बताया कि 60 निजी चिकित्सालयों को परीक्षण के लिए एंटीजन किट उपलब्ध करा दिया गया है। नोडल अधिकारी ने कहा कि निजी चिकित्सालयों में एंटीजन किट से निश्शुल्क परीक्षण करना है। यदि शुल्क लिया गया तो कार्रवाई की जाएगी। नोडल अधिकारी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सीएचसी, पीएचसी प्रभारियों से बात की। कहा कि सभी सीएचसी, पीएचसी पर कोरोना मरीजों की टेस्टिंग की जाए। होम आइसोलेट मरीजों से रैपिड रिस्पांस टीम नियमित संपर्क बनाए रखे।

सभी आशा के पास पल्स आक्सीमीटर, थर्मामीटर एवं सैनिटाइजर होना चाहिए। इसके प्रयोग से पहले निर्धारित मानकों का पालन करना होगा। उन्होंने कोरोना संक्रमण को रोकने एवं मृत्यु दर कम करने की दिशा में हर संभव प्रभावी कार्यवाही करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी के विजयेन्द्र पाण्डियन ने इस महामारी से निपटने के लिए की गयी तैयारियों के संबंध में जानकारी दी। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी इन्द्रजीत सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी आदि उपस्थित रहे।

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