गोरखपुर, जेएनएन। यूपी के तीन ग्रामीण बैंकों का विलय कर दिया गया है, इनमें पूर्वांचल बैंक, काशी गोमती संयुक्त ग्रामीण बैंक व बड़ौदा यूपी ग्रामीण बैंक शामिल हैं। इन तीनों बैंकों को मिलाकर नया बड़ौदा यूपी बैंक का निर्माण हुआ है। अब तीनों बैंकों के ग्राहक इस नए बैंक के ग्राहक होंगे।

एक अप्रैल से जारी हाेंगे नए पासबुक

नया बैंक आगामी एक अप्रैल से अस्तित्व में आएगा। बैंकों के विलय से परेशान होने की जरूरत नहीं है, शाखाएं वही रहेंगी, बस नाम बदल जाएगा। पुराने बैंकों के पासबुक व चेकबुक इस नये बैंक में काम करेंगे। एक अप्रैल के बाद जो नए चेकबुक, पासबुक जारी किए जाएंगे, वे बड़ौदा यूपी बैंक के नाम से होंगे।

गोरखपुर में होगा मुख्‍यालय

पूर्वांचल बैंक का मुख्यालय गोरखपुर में है, इसका प्रायोजक बैंक भारतीय स्टेट बैंक है। काशी-गोमती संयुक्त ग्रामीण बैंक का मुख्यालय वाराणसी में है, इसका प्रायोजक बैंक यूनियन बैंक है। बड़ौदा यूपी ग्रामीण बैंक का मुख्यालय रायबरेली में है, इसका प्रायोजक बैंक ऑफ बड़ौदा है। नए बैंक का प्रधान कार्यालय गोरखपुर में होगा और इसका प्रायोजक बैंक होगा बैंक ऑफ बड़ौदा। नए बैंक के कुल कर्मचारियों की संख्या 8361 व ग्राहकों की संख्या 3,55,77,000 होगी। कुल एनपीए (नान परफार्मिंग एसेट) 1447.94 करोड़ हो जाएगा।

नया होगा सॉफ्टवेयर

विलय के बाद तीनों बैंकों का एक सॉफ्टवेयर होगा। सॉफ्टवेयर व कर्मचारियों को मर्ज करने की प्रक्रिया अप्रैल के पहले पूरी कर ली जाएगी। साफ्टवेयर चेंज होने का भी असर ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा। अवकाश के दिनों में यह किया जाएगा।

2696.88 करोड़ होगी पूंजी

पूर्वांचल बैंक की पूंजी 764.52 करोड़ है। काशी गोमती संयुक्त ग्रामीण बैंक की 609.46 करोड़ व बड़ौदा यूपी ग्रामीण बैंक की पूंजी 1322.91 करोड़ है। इन सभी की पूंजी मिलकर अब नए बैंक की कुल पूंजी 2696.88 करोड़ हो जाएगी। तीनों बैंकों का मिलाकर अब नए बैंक का कुल व्यवसाय 62049 करोड़ हो जाएगा।

Posted By: Pradeep Srivastava

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