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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 15, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Makar Sankranti: गोरखनाथ मंदिर में खिचड़ी चढ़ाने देश के कोने-कोने से आए संत, बोले- सौभाग्य से मिलता है ये मौका

By Jagran NewsEdited By: Pragati Chand
Published: Sun, 15 Jan 2023 11:16 AM (IST)

Makar Sankranti 2023 गोरखनाथ मंदिर में बाबा को खिचड़ी चढ़ाने देश के कोने-कोने से आए संतों ने कहा कि आस्था ...और पढ़ें

बाबा को खिचड़ी चढ़ाने देश के कोने-कोने से आए संत। -जागरण
बाबा को खिचड़ी चढ़ाने देश के कोने-कोने से आए संत। -जागरण

गोरखपुर, जागरण संवाददाता। Makar Sankranti 2023: मकर संक्रांति पर खिचड़ी चढ़ाने के लिए गोरखनाथ मंदिर में आम श्रद्धालु ही नहीं, संत-महात्मा भी पहुंचे हैं। इनमें नाथ पंथ के संत तो हैं ही, अन्य पंथों के संत-महात्मा भी अपनी आस्था की खिचड़ी लेकर आए हैं। देश के कोने-कोने से आए साधुओं के रहने के लिए मुकम्मल इंतजाम किए गए हैं। संतों ने कहा कि गुरु गाोरखनाथ के चरणों में हमारी आस्था है, इसलिए हर साल खिचड़ी अर्पित करने आते हैं।

इन शहरों से आए हैं साधु

पंजाब, दिल्ली, फरीदाबाद, पीलीभीत समेत अनेक जगहों से साधु आए हैं। यात्री निवास, पर्यटक भवन व हिंदू सेवाश्रम आदि भवनों में संतों के ठहरने के इंतजाम किए गए हैं। साधुओं ने आने के बाद सबसे पहले बाबा गुरु गोरखनाथ व अन्य योगियों का दर्शन किया। जागरण से बातचीत में उन्होंने कहा कि आस्था ने छलांग भरी तो हम बाबा के धाम चले आए।

बाबा को खिचड़ी अर्पित कर मिलती है शांति

गुड़गांव के योगी इंद्रनाथ ने कहा कि मैं हर साल यहां तीन बार आता हैं। गुरु पूर्णिमा, विजयादशमी व मकर संक्रांति पर बाबा के चरणों में आस्था अर्पित करता हूं। पिछले 16 वर्षों से मैं यहां आता हूं। बाबा को खिचड़ी अर्पित कर मन को बड़ी शांति मिलती है। यहां हमारे गुरु ने तपस्या की है। यह स्थल बहुत ही ऊर्जावान है। यहां आकर हम भी ऊर्जावान हो जाते हैं।

छह वर्षों से मिल रहा बाबा को खिचड़ी चढ़ाने का सौभाग्य

वृंदावन के श्रीप्रिया प्रीतम जू सेवाधाम के पीठाधीश्वर अनिल कृष्ण महाराज ने कहा कि मैं 2018 से हर साल यहां खिचड़ी चढ़ाने आता हूं। मेरी इस तपस्थली में गहरी आस्था है। गुरु गाोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाने का सौभाग्य उसे ही प्राप्त होता है, जिसके ऊपर उनकी कृपा होती है। पिछले छह वर्षों मुझे यह सौभाग्य प्राप्त हो रहा है। उनकी महिमा अपार है, जिसे कहा नहीं जा सकता, सिर्फ महसूस किया जा सकता है।