गोरखपुर, जेएनएन। गेहूं की बोवाई के समय खाद-बीज की किल्लत बनी हुई है। कहीं पर एक साल से ताला लटका हुआ है तो किसी समिति पर जरुरत के समय खाद, बीज ही नहीं है। जहां यूरिया, डीएपी व अन्य खाद हैं, वहां तय से अधिक मूल्य पर खाद मिल रहा है।

किसानों को रसीद भी नहीं दी जा रही है। कई कृषि बीज भंडारों पर उन्नत बीज के अभाव ने दिक्कत बढ़ा दी है। किसानों का कहना है कि खेती-किसानी के समय अक्सर यह नौबत आती है। कृत्रिम रुप से किल्लत दर्शाकर किसानों से अधिक पैसा लिया जाता है। पीसीएफ बेलहसा में सचिव की तैनाती न होने से एक साल से ताला लटका हुआ है।

साधन सहकारी समिति सिंहरोवा के गोदाम पर ताला लगे रहने से दर्जनों किसान रोजाना वापस जाते है। यहां पर डीएपी, यूरिया, बीज नहीं है। साधन सहकारी समिति बरईपार (तिलाठी) में किसानों ने खाद का अधिक मूल्य लेने की शिकायत की है। मेंहदावल प्रतिनिधि के अनुसार साधन सहकारी समिति सांथा में कोई खाद नहीं है। वहीं साधन सहकारी समिति में यूरिया है लेकिन डीएपी व बीज नहीं है। इससे किसानों को निजी दुकानों से महंगे कीमत पर यह सब खरीदना पड़ रहा है।

सेमरियावां ब्लाक मुख्यालय पर कृषि बीज भंडार न होने से किसानों को बीज के लिए निजी दुकानों में जाना पड़ता है। वहीं किसान सेवा सहकारी समिति लिमिटेड बिगरामीर में डीएपी 53 बोरी तथा यूरिया दो सौ बोरी उपलब्ध है। बुधवार को दोपहर के लगभग एक बजे तक चार बोरी यूरिया की बिक्री हुई। किसानों के इंतजार में समिति के चौकीदार मुमताज अहमद बैठे रहे, सचिव गायब रहे। किसान राम लल्लन ने कहा कि ब्लाक मुख्यालय पर बीज भंडार न होने से बूधाकलां में जाने के लिए 20 किमी दूरी तय करनी पड़ती है।

धनघटा तहसील क्षेत्र में बीज गोदामों पर उन्नत गेहूं बीज माने जाने वाला बीएचडब्ल्यू-2967 नहीं है। क्षेत्र के किसान ओम प्रकाश, रामकिशुन, जत्तन आदि का कहना है कि उन्नतशील बीजों के न मिलने से बोवाई पिछड़ रही है। बुधवार को राजकीय कृषि बीज भंडार पर बीज लेने के लिए किसान जुटे थे लेकिन गोदाम के बंद होने से इन्हें परेशानी हुई। जिलाधिकारी रवीश गुप्त ने कहा कि खाद, बीज की कहीं कोई कमी नहीं है। यदि किसी किसान को रसीद नहीं दी गई और अधिक कीमत लिया गया तो संबंधित विक्रेता अथवा प्रभारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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