गोरखपुर, जेएनएन। बस्ती व संत कबीरनगर में चार-चार और कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। कुशीनगर में भी एक और कोरोना पॉजिटिव मिला है। सभी संक्रमितों को इलाज के लिए आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करा दिया गया है।

बस्ती में संक्रमितों की संख्या अब 35 तक पहुंची

बस्ती में संक्रमितों की संख्या अब 35 पहुंच गई है। नए पॉजिटिव पाए गए लोग रुधौली क्षेत्र के तिघरा, मुंगरहा, नगर थाना क्षेत्र के बसमीडीह, चिरैयाडाड़ सल्टौआ के रहने वाले हैं। सभी 29 अप्रैल को मुंबई से लौटे थे। एक मई को इनके नमूने जांच के लिए बीआरडी मेडिकल कालेज गोरखपुर भेजे गए थे।

संत कबीरनगर में 32 हुई कोरोना पॉजिटिव की संख्‍या

संत कबीरनगर में मिले चारों कोरोना पॉजिटिव मगहर निवासी देवबंद के संक्रमित छात्र के रिश्तेदार हैं। देवबंद के संक्रमित छात्र के परिवार में अब तक 25 कोरोना पॉजिटिव मिल चुके हैं। रेड जोन में शामिल इस जिले में संक्रमितों की संख्या 32 हो गई है।

दो संक्रमित ठीक हुए

संत कबीरनगर जिले के लिए राहत की बात यह है कि पहले कोरोना संक्रमित तब्लीगी बुजुर्ग और देवबंद के छात्र की अंतिम जांच रिपोर्ट निगेटिव आ गई है। इन दोनों को अस्पताल से छुट्टी देकर प्रशासन ने होम क्वारंटाइन करा दिया है। कुशीनगर में पटहेरवा क्षेत्र के बलुआ तकिया गांव निवासी 24 वर्षीय युवक कोरोना पॉजिटिव मिला। उसे बीआरडी मेडिकल कालेज गोरखपुर में भर्ती कराया गया है। जिले में संक्रमितों की कुल संख्या दो हो गई है। मंगलवार को हाटा के बेलवनिया में छात्रा पॉजिटिव मिली थी।

सिद्धार्थनगर में एक और कोरोना पॉजिटिव, कुल 16 संक्रमित

सिद्धार्थनगर में  गुरुवार की सुबह पंद्रह रिपोर्ट लखनऊ से आई है। इसमें एक पॉजिटिव है। यह भी गंगा पब्लिक स्कूल का है। इस तरह इस स्कूल में क्वारंटाइन रहे 14 लोग पॉजिटिव हैं। अब तक पॉजिटिव की संख्या 16 हो गई है। इसकी पुष्टि सीएमओ डॉ सीमा राय ने की है। दो पॉजिटिव का इलाज संतकबीर नगर में हो रहा है, जबकि 13 बर्डपुर सीएचसी पर। नया मरीज भी सदर तहसील क्षेत्र का बताया जा रहा है। इसे भी प्रशासन बर्डपुर में शिफ्ट करने की तैयारी में है। महामाया आईटीआई कालेज में एक और सिद्धार्थ पब्लिक स्कूल मसिना में क्वारंटाइन एक-एक मरीज पॉजिटिव मिल चुके हैं।

मुंबई से आ रहे व्यक्ति की एंबुलेंस में मौत, होगी कोरोना जांच

उधर, गोरखपुर के जंगल कौडिय़ा के बढऩी गांव निवासी एक ही परिवार के पांच लोग मुंबई से एंबुलेंस से घर के लिए निकले। रास्ते में 52 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई। सहजनवां चेकपोस्ट पर जांच में मामला सामने आते ही हड़कंप मच गया। आनन-फानन कोरोना जांच के लिए मृत व्यक्ति का नमूना लिया गया। परिवार के दो लोगों को गीडा स्थित पूर्वांचल डेंटल क्लीनिक कॉलेज परिसर में क्वारंटाइन करा दिया गया, जबकि दो अन्य को शव के साथ घर जाने की इजाजत दी गई। परिजनों ने बताया कि मृत व्यक्ति कई दिनों से बीमार थे। अंतिम संस्कार पुलिस की मौजूदगी में होगा। सीएमओ डॉ.श्रीकांत तिवारी ने बताया कि एंबुलेंस में आए अन्य चार लोगों के नमूने गुरुवार को लिए जाएंगे। दो लोगों को क्वारंटाइन कराया गया है। दो अन्य को होम क्वारंटाइन की सलाह दी गई है। एंबुलेंस चालक को भी क्वारंटाइन कराया जाएगा।

जांच के लिए भेजे 17 नमूने

सीएमओ ने बताया कि बुधवार को अलग-अलग क्षेत्रों से 17 नमूने जांच के लिए क्षेत्रीय आयुॢवज्ञान अनुसंधान केंद्र भेजे गए। इनकी रिपोर्ट गुरुवार को मिलने की उम्मीद है। अब तक कुल 625 नमूनों की जांच हो चुकी है, जिसमें तीन लोग पॉजिटिव पाए गए हैं। उनका मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। तबीयत पहले से बेहतर है।

तबीयत बिगडऩे पर टीबी अस्पताल पहुंचे युवक

चौरीचौरा के प्राथमिक विद्यालय में क्वारंटाइन तीन लोगों की तबीयत अचानक बुधवार को बिगड़ गई। यह लोग हैदराबाद, लखीमपुर खीरी और मुंबई से आए हैं। इसकी सूचना लोगों ने डॉक्टरों को दी। डॉक्टरों ने उन्हेंं टीबी अस्पताल स्थित वार्ड में लाकर भर्ती करा दिया। इनके नमूने गुरुवार को जांच के लिए भेजे जाएंगे।

होम क्वारंटाइन लोगों की निगरानी रखेंगी आशा

क्वारंटाइन किए गए प्रवासियों के घर में तीन दिन में एक बार आशा कार्यकर्ता निरीक्षण करेंगी। 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग, गर्भवती और हाई ब्लड प्रेशर व डायबीटीज के रोगियों को प्रवासियों से अलग रहने की सलाह दी जाएगी। किसी में भी कोविड-19 के लक्षण दिखाई देने पर आशा कार्यकर्ता सीएचसी प्रभारी को सूचित करेंगी। देश के अलग-अलग राज्यों से वापस आने वाले मजदूरों उनके ही घर में क्वारंटाइन किया जा रहा है। इसकी देखरेख की जिम्मेदारी आशा कार्यकर्ताओं को सौंपी गई है।

मुख्य सचिव ने सभी मंडलायुक्तों को पत्र भेेेेजा

प्रवासी मजदूरों से कोरोना संक्रमण न फैले, इसके लिए प्रदेश के मुख्य सचिव राजेंद्र तिवारी ने सभी मंडलायुक्तों को पत्र जारी किया है। उन्होंने कहा है कि जिन प्रवासियों के घरों में होम क्वारंटाइन की व्यवस्था नहीं है उन्हें इंस्टिट्यूशनल क्वारंटाइन में रखा जाएगा। क्वारंटाइन सदस्य के घर के बाहर आशा कार्यकर्ता उचित स्थान पर क्वारंटाइन फ्लायर लगाएंगी। ऐसे में घर के भीतर कोई अन्य प्रवेश नहीं कर सकता। घर के किसी एक ही सदस्य को जरूरी सामान खरीदने के लिए घर से बाहर निकलने दिया जाएगा। स्याही से क्वारंटाइन के शुरू होने और खत्म होने की तारीख अंकित की जाएगी। 21 दिनों की क्वारंटाइन का समय पूरा होने पर आशा कार्यकर्ता स्थिति की सूचना स्वास्थ्य विभाग को देंगी और घर पर लगे फ्लायर को हटाएंगी। जिले में कुल 5046 लोगों को होम क्वॉरंटाइन किया गया है। वहीं 2163 लोगों को विभिन्न केंद्रों में रखा गया है।

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