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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 04, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Coronavirus Gorakhpur Updates: गुटका खाकर सड़क पर थूका, दर्ज हुआ मुकदमा

By Pradeep SrivastavaEdited By:
Published: Mon, 04 May 2020 09:30 AM (GMT+05:30)Updated: Tue, 05 May 2020 09:56 AM (GMT+05:30)

Coronavirus Gorakhpur Updates 04 May 2020 गोरखपुर और बस्‍ती मंडल की कोरोना वायरस की खबरों को पढ़ने के लिए बने रहें हमारे साथ।

Coronavirus Gorakhpur Updates: गुटका खाकर सड़क पर थूका, दर्ज हुआ मुकदमा
Coronavirus Gorakhpur Updates: गुटका खाकर सड़क पर थूका, दर्ज हुआ मुकदमा

गोरखपुर, जेएनएन। Coronavirus Gorakhpur Updates 04 May 2020: पुलिस लॉकडाउन का उल्लंघन करने वालों पर सख्ती बरत रही है। महामारी से निपटने के लिए गुटखा, सिगरेट, तंबाकू, पान मसाला और शराब की बिक्री पर प्रतिबंध है। इसके बाद भी लोग मनमानी पर आमदा हैं। ऐसे लोगों को सुधारने के लिए कोतवाली पुलिस ने सड़क पर गुटखा थूकने के जुर्म में युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। गुटखा खाकर थूकने वाले के खिलाफ हुई कार्रवाई का जिले में यह पहला मामला है।

गोरखपुर का पहला मामला

कोतवाली पुलिस खूनीपुर चौराहे के पास गश्त कर रही थी। इसी बीच पुलिस कर्मियों ने सड़क पर गुटखा थूकते एक युवक को पकड़ लिया, वह मास्क भी नहीं लगाया था। पूछताछ में पता चला कि पकड़ा गया युवक रोहित जालान बेतियाहाता के आवास विकास कॉलोनी का रहने वाला है। प्रभारी निरीक्षक कोतवाली जयदीप वर्मा ने बताया कि उपनिरीक्षक बिहारी सिंह यादव ने गुटखा खाकर सड़क पर थूकने वाले युवक के खिलाफ लॉकडाउन के उल्लंघन व संक्रमण फैलाने की कोशिश करने का मामला दर्ज कराया है। लोगों को समझाया जा रहा है कि सार्वजिनक जगहों पर न थूकें, इससे संक्रमण फैलने का खतरा है।

38 दिन में दर्ज हुए 230 केस

जिले में 38 दिन के भीतर पुलिस ने लॉकडाउन उल्लंघन के 230 केस दर्ज किए हैं। आरोपित बनाए गए 350 लोगों में 83 को जेल भेजा गया। शेष लोगों को निजी मुचलके पर थाने से छोड़ दिया गया। एसएसपी डॉ. सुनील गुप्ता ने बताया कि पुलिस लॉकडाउन का सख्ती से पालन करा रही है।

कोरोना संक्रमित के पुत्र ने साझा की अपनी व्यथा

मुंबई से आए कोरोना संक्रमित नेपाली नागरिक के पुत्र ने सोशल मीडिया पर अपनी व्यथा साझा की है। उसने पिता को इलाज के लिए मुंबई ले जाने और लॉकडाउन में वहां फंस जाने का उल्लेख करते हुए यहां गोरखपुर आने और घर न जाकर क्वारंटाइन सेंटर पहुंचने को नियति का खेल बताया है। उसने लिखा है कि लॉकडाउन लगातार बढ़ता जा रहा था, वहां रहना मुश्किल हो गया था। कोई आसरा था नहीं, बूढ़े पिता का जीवन बचाना जरूरी था। इसलिए चला आया। ये पता होता कि घर आने के बाद भी परिणाम ढांक के तीन पात होंगे तो 57-58 हजार रुपये देकर ये तोहफा मुंबई से गोरखपुर तो न लाता। अंत में उसने लिखा है-ऐ भाग्य तेरी हर खुदाई मंजूर मुझे, दो वक्त तो ठहर जा ताकि दो डोली और एक अर्थी को रुखसत कर सकूं। 

संतकबीर नगर में एक और संक्रमित मिला

संत कबीरनगर। देवबंद से आए 25 वर्षीय छात्र की चाची भी कोरोना पॉजिटिव निकली। तीन मई की देर रात आई जांच रिपोर्ट से यह पता चला है। एक ही परिवार में देवबंद के छात्र समेत 21 लोग कोरोना पॉजिटिव निकले। रेड जोन में आने वाले इस जिले में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़कर 28 हो गई है। प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य महकमें के अधिकारियों की सांसें फूल रही हैं। लोगों में कोरोना के प्रति भय बढ़ता जा रहा है।