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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 29, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सीएम योगी पर दर्ज कराया था फर्जी मुकदमा, अन्‍य मामले में कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा

By Pradeep SrivastavaEdited By:
Published: Wed, 29 Jul 2020 07:10 AM (IST)Updated: Thu, 30 Jul 2020 10:58 AM (IST)

सीएम योगी आदित्य नाथ पर झूठा मुकदमा दर्ज कराने वाले को गोरखपुर के दो लोगों को दुष्कर्म के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।

सीएम योगी पर दर्ज कराया था फर्जी मुकदमा, अन्‍य मामले में कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा
सीएम योगी पर दर्ज कराया था फर्जी मुकदमा, अन्‍य मामले में कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा

गोरखपुर, जेएनएन। दुष्कर्म का आरोप सिद्ध पाए जाने पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश गोविंद बल्लभ शर्मा ने राजघाट के तुर्कमानपुर निवासी परवेज परवाज और महमूद उर्फ ​​जुम्मन बाबा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। 2007 में सदर सांसद रहे योगी आदित्यनाथ पर एफआईआर दर्ज कराने के बाद परवेज परवाज चर्चा में आए थे। करीब दो साल से वह जेल में है। 

कोर्ट में अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता यशपाल सिंह का कहना था कि वादिनी ने थाना राजघाट में इस आशय की रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका पति से मनमुटाव चल रहा था। अपने पति को वश में करने के लिए वह मगहर मस्जिद झाड़- फूक कराने जाती थी जहां उसकी मुलाकात अभियुक्त जुम्मन बाबा से हुई। उसने वादिनी से समस्‍या पूछने के बाद झाड़फूंक किया था, जिससे उसे थोड़ा फायदा हुआ। जिसके बाद वादिनी अभियुक्त जुम्मन बाबा पर विश्वास करने लगी। तीन जून 2018 को 10.30 बजे अभियुक्त जुम्मन बाबा ने मस्जिद में दुआ करने के बहाने वादिनी को पांडेयहाता स्थित अपने दुकान के पास बुलाया। जब वह पहुंची तो अभियुक्‍त रिवाल्वर सटा कर सुनसान स्थान पर ले गए और उसके साथ दुष्‍कर्म किया। इस मामले में केस दर्ज कर पुलिस ने आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मामला कोर्ट में विचाराधीन था जिस पर मंगलवार को कोर्ट ने साक्ष्यों के आधार पर फैसला सुनाया है।

सांसद समेत 12 पर दर्ज कराया था केस

परवेज परवाज ने वर्ष 2007 दंगे के दौरान धार्मिक उन्माद फैलाने का तत्कालीन सांसद व वर्तमान में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित 12 लोगों के खिलाफ अदालत के जरिए केस दर्ज कराया था। हालांकि सबूत के तौर पर कोर्ट में जो डीवीडी पेश की गई थी लैब टेस्ट के बाद उसमें छेड़छाड़ की बात सामने आई थी। फर्जीवाड़ा पकड़े जाने के बाद उस मामले में भी कोर्ट के आदेश पर परवेज परवाज के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।

इस मामले में हुई है सजा

2018 में गोरखपुर के राजघाट क्षेत्र में सब्जी की दुकान लगाने वाली एक महिला ने तहरीर देकर आरोप लगाया था कि 13 सितंबर की रात वह दुकान बंदकर घर लौट रही थी। रास्ते में एक मजार के पास परवेज और जुम्मन ने उसे पकड़कर सुनसान ‌स्थान पर ले गए। दोनों ने जान से मारने की धमकी देते हुए सामूहिक दुष्कर्म किया। मुकदमा दर्ज करने के बाद एसएसपी के आदेश पर महिला थानेदार को विवेचना सौंपी गई थी। पुलिस द्वारा कराए गए चिकित्सकीय परीक्षण में दुष्कर्म की पुष्टि हो गई थी। इस बीच कोर्ट में पेश किए जाने पर महिला ने दुष्कर्म का बयान दर्ज कराया था। इसके बाद ही  नखास चौराहे के पास से परवेज को गिरफ्तार किया गया था

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