गोरखपुर/देवरिया, जेएनएन। भूमि बचाओ किसान संघर्ष समिति भटनी ने हथुआ-भटनी नई रेललाइन की उच्च स्तरीय समीक्षा के लिए प्रधानमंत्री, रेलमंत्री व जिलाधिकारी को पत्र लिखा है। किसानों ने कहा है कि यह परियोजना न तो किसानों के हित में है, न ही सरकार के हित में। इसलिए इसका विरोध किया जा रहा है।

संघर्ष समिति ने कहा है कि यह रेल लाइन देवरिया से हथुआ के बीच योजना आयोग द्वारा 2005-06 में स्वीकृत हुआ, लेकिन तत्‍कालीन रेलमंत्री लालू प्रसाद यादव ने फर्जी अभ्यावेदनों के आधार पर निजी हित में इसे हथुआ से भटनी करा दिया। तत्‍कालीन रेलमंत्री लालू प्रसाद यादव ने अपने गांव, ससुराल, बहन के गांव व साढू के गांव को जोडऩे के मकसद से इसे स्वीकृत कराया। हथुआ से भटनी की सड़क मार्ग से दूरी करीब 35-40 किलोमीटर, जबकि प्रस्तावित रेललाइन से यह दूरी करीब 80 किलोमीटर है। लोगों को अधिक समय व धन खर्च करना पड़ेगा।

समिति ने कहा है कि 14 गांवों के करीब एक हजार किसानों का करीब 112.49 एकड़ भूमि अधिग्रहित हो रही है, जिससे किसान भूमिहीन हो जाएंगे। भटनी से सटे बह रही छोटी गंडक नदी व बिहार बार्डर पर बह रही खनुआ नदी के बीच 10 गांव स्थित है। यह गांव बरसात के सीजन में बाढ़ से घिर जाएंगे।

समिति के अनुसार जिला प्रशासन साजिश के तहत किसानों से जबरदस्ती भूमि लेने की तैयारी में है। यदि भूमि जबरदस्ती ली गई तो किसान आंदोलन करने को मजबूर होंगे। संघर्ष समिति के कार्यकारी अध्यक्ष डा. रामजी द्विवेदी, त्रिवेणी यादव, शिव नारायण यादव आदि ने परियोजना निरस्त करने की मांग की है।

Edited By: Pradeep Srivastava