गोरखपुर, जेएनएन। प्रख्यात कथावाचक मोरारी बापू दिन में व्यासपीठ से मानस के मोती से श्रद्धालुओं को निहाल कर रहे हैं तो शाम को किसी न किसी गरीब परिवार में जाकर उनके घर भोजन करना और चलते समय उस परिवार को आशीर्वाद के साथ तोहफा देना उनकी दिनचर्या में शामिल है। गोरखपुर में कथा सुनाने के बाद वह एक गांव में पहुंचे और निषाद परिवार में पहुंचकर भोजन किया। बापू ने इस परिवार को एलसीडी टीवी, साड़ी और पांच सौ रुपये नकद दिया। मजदूर परिवार बापू के गुणगान करते नहीं थक रहा। 

विश्‍वास नहीं हुआ कि बापू आए हैं

कुसम्ही-पिपराइच मार्ग पर महराजी गांव निवासी राधेश्याम निषाद के घर  शाम को जब बापू पहुंचे तो गृहस्वामी मजदूरी करने गए थे। घर पर 10 साल का बेटा सुरसेन था। राधेश्याम की पत्नी सुनीता देवी पड़ोस में गई थी। वहां पहुंचे बापू चारपाई पर बैठ गए। सिपाही से उनके आने की खबर मिलने पर सुनीता घर पहुंची तो सामने बापू को बैठा देख दंग रह गई। उसने बापू के पैर छूकर आशीर्वाद लिया।

रोटी सब्‍जी खाया

बापू ने कहा कि भोजन मिलेगा, वह बोली- आटा, सब्जी सब है। रोटी, आलू तथा टमाटर की सब्जी बनाकर बापू को खिलाया। बापू अपने साथ पूड़ी, सब्जी व लड्डू आदि लेकर आए थे, जो साथ में मौजूद लोगों ने प्रसाद के रूप में

बापू से मिले सिंधी समाज के लोग

सिंधी समाज के लोगों ने मोरारी बापू से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने बापू को शाल ओढ़ाकर और पुष्पगुच्छ दिया। मुलाकात के बाद सिंधी सभा गोरखपुर के अध्यक्ष राजेश नेभानी ने बताया कि बापू ने उन्हें समाज के हर वर्ग की सेवा करने का निर्देश दिया है। उनके निर्देश का समाज अक्षरश: पालन करेगा।

मिलने वालों में ओमप्रकाश करमचंदानी, नंदलाल लखमानी, केशव मृगवानी, जयकुमार लखमानी आदि शामिल रहे।

'भाई' ने किया बापू का सम्मान

भोजपुरी एसोसिएशन ऑफ इंडिया 'भाई' के क्षेत्रीय निदेशक राकेश श्रीवास्तव के नेतृत्व में एसोसिएशन के सदस्यों ने बापू से मुलाकात की और उनका सम्मान कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मिलने वालों में डॉ. रूप कुमार बनर्जी, शिवेंद्र पांडेय, कनक हरि अग्रवाल, रवि द्विवेदी, राकेश मोहन, संजय श्रीवास्तव, दिनेश श्रीवास्तव आदि शामिल रहे।

Posted By: Pradeep Srivastava

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