गोरखपुर, जागरण संवाददाता। आटे के भाव में तेजी से अब थाली की रोटी भी महंगी होती जा रही है। रोटी पर भी महंगाई की मार से आम आदमी के किचन का बजट बिगड़ गया है। महंगे गेहूं के चलते खुदरा बाजार में भी आटा महंगा होता जा रहा है। पिछले दो माह में आटे के भाव में औसतन तीन से चार रुपये प्रति किलो की वृद्धि हुई है। मैदा, सूजी व दलिया में भी दो से तीन रुपये प्रति किलोग्राम तेजी से कम आय, नौकरीपेशा और मध्यमवर्ग की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

क्या कहते हैं व्यवसायी: किराना व्यवसायी निकुंज टेकड़ीवाल ने बताया कि भले ही गुणवत्ता के अनुसार कीमत भी अलग- अलग है। फिर भी दो माह के भीतर आटा, सूजी, मैदा व दलिया की कीमतों पर गौर करें तो खुले से लेकर पैकेट तक की कीमतें लगातार बढ़ीं हैं। गेहूं के दाम में तेजी आने से आटा, सूजी, मैदा के दाम भी बढ़े हैं। फुटकर में जो आटा पहले 24 से 25 रुपये किलो था वहीं अब आटा की कीमत 27 से 30 तीस रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। वहीं सरबती आटा 60 रुपये प्रति किलो के भाव बिक रहा है।

साहबगंज के थोक व्यापारी आसिफ के अनुसार गेहूं के निर्यात पर रोक जरूर लग गई है लेकिन जब तक गेहूं के भाव में कमी नहीं आएगी। आटा, सूजी, मैदा व दलिया में तेजी इसी तरह बनी रहेगी। कुछ दिनों तक बाजार में स्थिति यथावत रहेगी।

क्या कहती हैं गृहणियां: शहर के अलग- अलग इलाकों में रहने वाली रेखा सिंह, अनुराधा मिश्रा, कविता सिंह रुस्तमपुर में किराने की दुकान पर खरीदारी कर रही थीं। आटे के भाव को लेकर चर्चा करते हुए महिलाओं ने कहा कि कमरतोड़ महंगाई से घर का खर्चा चलाना मुश्किल हो गया है। आटे के साथ ही अन्य सामानों के दाम आसमान छू रहे हैं।

ऐसे बढ़ी कीमतें

मार्च                                 मई

आटा 140-180 रुपये         190 से 195 रु.

(पांच किलो का पैकेट)

आटा 23 से 25 रुपये          26 से 30 रु.

(प्रति किलो खुले में)

सूजी 48 रुपये                   50 से 52 रु.

(प्रति किलो)

मैदा 50 रुपये                    55 से 56 रु.

(प्रति किलो)

दलिया 48 से 50                56 से 60 रु.

(प्रति किलो)

Edited By: Pragati Chand