गोरखपुर, जागरण संवाददाता। प्रकृति के साथ हो रहे खिलवाड़ के दुष्परिणाम सामने आने लगे हैं। ऐसा ही एक परिणाम जुलाई के मौसम को लेकर सामने आया है। एक अध्ययन के मुताबिक जुलाई के न्यूनतम तापमान में औसत से एक डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ऐसा इस वर्ष ही नहीं बल्कि बीते चार वर्ष की जुलाई से हो रहा है। इसका परिणाम यह है कि जुलाई की रातें गर्म हो गई हैं।

लगातार चार वर्ष में औसत से अधिक रिकार्ड हुआ जुलाई का न्यूनतम तापमान

अध्ययनकर्ता मौसम विज्ञानी कैलाश पांडेय के मुताबिक जुलाई का औसत न्यूनतम तापमान 25.9 डिग्री सेल्सियस है जबकि बीते चार वर्ष से यह 26.1 से लेकर 26.9 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया जा रहा है। इस वर्ष भी जुलाई में न्यूनतम तापमान का औसत आंकड़ा 26.7 डिग्री सेल्सियस रहा। 2018 की जुलाई 26.9 डिग्री, 2019 में 26.3 डिग्री और 2020 में यह 26.1 डिग्री सेल्सियस सेल्सियस न्यूनतम तापमान रहा। मौसम विज्ञानी के अनुसार इसकी वजह सूर्य की गर्मी का वायु प्रदूषण की वजह से जमीन पर पहुंचने के बाद वापस न लौटना है।

इसलिए बढ़ रहा तापमान

वातावरण में व्याप्त एयरोसाेल का सहारा लेकर वायुमंडल की निचली सतह पर जमे बादल गर्मी को ऊपर नहीं जाने देते, जिसका सीधा प्रभाव तापमान पर पड़ता है। बीते चार वर्ष की जुलाई में पूरे महीने बादल जमे रहे, ऐसे न्यूनतम तापमान के अधिकतम स्तर पर पहुंचने का सिलसिला बना रहा। मौसम विज्ञानी के मुताबिक दिन में तो यह बादल सूरज की गर्मी को जमीन तक पहुंचने से रोके रखते हैं, जिससे अधिकतम तापमान बढ़ने नहीं पाता लेकिन रात होने पर यही बादल तापमान को गिरने नहीं देते।

महीने में 16 दिन हुई बारिश, औसत से 18.7 फीसद अधिक रहा आंकड़ा

इस बार की जुलाई में 16 दिन ऐसे रहे, जब बारिश रिकार्ड की गई। पूरे महीने में कुल 454.7 मिलीमीटर बारिश हुई, जो बारिश के औसत आंकड़े से 18.7 फीसद अधिक है। 18 और 21 जुलाई को भारी बारिश भी रिकार्ड की गई। मौसम विभाग के पैमान में 24 घंटे में 64 मिलीमीटर से अधिक की बारिश को भारी बारिश करार दिया जाता है। अधिकतम तापमान के न्यूनतम स्तर पर आने का भी एक नया आंकड़ा सामने आया। 17 जुलाई को अधिकतम तापमान 26.4 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ, जो बीते 28 वर्ष में न्यूनतम है। इससे पहले 1992 की 13 जुलाई को इससे कम 25.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकार्ड किया गया था।

Edited By: Pradeep Srivastava