गोरखपुर : बीआरडी मेडिकल कालेज में जूनियर डाक्टरों व तीमारदारों के बीच हुई मारपीट के दो दिन बाद ही एक बार फिर जूनियर डाक्टरों दो लोगों से मारपीट की। मासूम बेटों का इलाज कराने पहुंची महिला तथा परिसर में अपने वाहन से जा रहे युवक की पिटाई की। दोनों घटनाएं ढाई घंटे के भीतर हुई।

पीड़ितों ने गुलरिहा थाने में तहरीर दे दी है। मेडिकल कालेज प्रतिनिधि के अनुसार पहली घटना सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे बाल रोग विभाग की ओपीडी में हुई। पीड़िता सरोज देवी के अनुसार उन्होंने बीते एक अगस्त को अपने दो बच्चों छह वर्षीय भोला व एक साल के अमन को बाल रोग विभाग में चिकित्सकों को दिखाया था। बुधवार को फिर डाक्टरों ने बुलाया था। जब वह ओपीडी में पहुंचीं तो वहां बैठे एक डाक्टर ने इलाज से मना किया। पीड़िता का आरोप है कि डाक्टर उनको तथा उनके बेटों को जातिसूचक गाली देने लगे। उनको धक्का दिया और पीटा। वह पिटाई के चलते बेहोश होकर गिर गई। होश आने पर जब डाक्टर से फिर इलाज के लिए कहा तो उन्होंने धमकी दी कि मरीज को जहर का इंजेक्शन देकर मार देंगे। पीड़िता के शोर मचाने पर डाक्टर कमरे से उठकर चले गए। बाद में ओपीडी में बैठे दूसरे डाक्टरों ने बच्चों का इलाज किया, लेकिन साथ में यह धमकी दी कि यदि घटना की शिकायत की तो बच्चे को गलत दवा लिख देंगे। महिला ने डाक्टरों पर बाहर की दवा लिखने का आरोप भी लगाया है।

दूसरी घटना एक युवक विवेक कुमार के साथ हुई। अपने वाहन से परिसर में जा रहे युवक को जूनियर डाक्टरों ने पकड़ लिया व पिटाई की। युवक का कहना है कि वह अपने मकान से जरूरी सामान खरीदने के लिए बाजार जा रहे थे। इसी बीच कालेज परिसर स्थित तिराहे के पास तेज रफ्तार दो मोटर साइकिलों से जा रहे तीन-चार जूनियर डाक्टर बगल से गुजरे। उनकी लापरवाही के चलते युवक को धक्का लगते-लगते बचा। उन्होंने जूनियर डाक्टरों को आवाज देकर बाइक धीरे चलाने को कहा। यही बात उनको नागवार गुजरी। युवक का आरोप है कि इसके बाद डाक्टर गाड़ी से उतर कर गाली देते पास पहुंच गए और पीटने लगे। चिल्लाने पर खींचते हुए एकांत में ले गए और बोले की जिसको बुलाना है बुला लो। युवक का यह भी आरोप है कि उनके जेब में दस हजार रुपया था जिसको जूनियर डाक्टरों ने निकाल लिया। इस छीना झपटी में उनकी पैंट की जेब भी फट गई। जाते समय बाइक की चाबी फेंक दी और जान से मारने की धमकी देते हुए छात्रावास की तरफ निकल गए।

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बाल रोग विभाग की ओपीडी में काफी भीड़ थी। महिला अपने बच्चों का इलाज पहले कराने के लिए कह रही थी। डाक्टरों ने लाइन से आने के लिए कहा। इसी को विवाद हुआ लेकिन मारपीट की कोई घटना नहीं हुई। जहां तक परिसर में युवक के पीटे जाने की बात है कि इसकी जांच कराई जाएगी कि युवक को पीटने वाले कौन थे।

डा. गणेश कुमार, प्राचार्य

Posted By: Jagran