गोरखपुर, जेएनएन। बोर्ड परीक्षा में मानक विहीन विद्यालय इस बार केंद्र नहीं बन सकेंगे। परीक्षा केंद्रों के निर्धारण को लेकर शासन की सख्ती के चलते विभाग फूंक-फूंक कर कदम उठा रहा है। विद्यालयों में मानक की जांच के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक ने सहायक जिविनि समेत 28 प्रधानाध्यापकों व शिक्षकों को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। यह जांच अधिकारी विद्यालयों में जाकर 24 बिंदुओं पर मानक की जांच करेंगे। प्रधानाध्यापकों को बाकायदे प्रपत्र भी उपलब्ध कराया गया है, जांच के बाद वे प्रपत्र को भरकर जिविनि कार्यालय में जमा करेंगे। इसी आधार पर केंद्र का निर्धारण होगा।

इन पर होगी विशेष नजर

 विद्यालय में कक्षों की स्थिति, प्रश्नपत्रों को रखने की व्यवस्था, अग्निशमन उपकरणों की व्यवस्था, वायस रिकार्डर युक्त सीसी कैमरों की स्थिति, उत्तर पुस्तिकाओं की पैकिंग रूम में सीसी कैमरा हैं या नहीं, बालक व बालिका शौचालय की संख्या, विद्यालय में चहारदीवारी की स्थिति, विद्यालय में स्थायी विद्युत कनेक्शन है या नहीं जैसे मानकों पर ध्‍यान रखा जाएगर।

बनाए गए जांच अधिकारी

परीक्षा केंद्र बनाने के लिए जिविनि द्वारा नामित जांच अधिकारियों में सह जिविनि ओम दत्त सिंह, प्रधानाचार्य रेमी यादव, उप प्रधानाचार्य राजेंद्र प्रसाद, प्रधानाचार्य विजय कुमार सिंह, आरसी मिश्र, मधुलिका, अर्चना चौधरी, विनीता, रचना शर्मा, किरन तिवारी, सुधा श्रीवास्तव, किरन कुमार ओरैतो, इंदू गिरी, रामनगीना भारती, भावना, आलोक कुमार, आशुतोष, प्रवक्ता अविनाश पति तिवारी, रामबरन यादव, अरुण कुमार श्रीवास्तव, मिथिलेश कुमार निषाद, सत्य प्रकाश शुक्ला, दुर्गा प्रसाद यादव, मनीष सिंह, सहायक अध्यापक अमान उल्लाह, डा.राजेश पति त्रिपाठी व आसिफ अंसारी शामिल है।

इस बार पूरी तरह नियमों का होगा पालन

इस संबंधन में जिला विद्यालय निरीक्षक ज्ञानेंद्र सिंह भदौरिया का कहना है कि बोर्ड परीक्षा शुचितापूर्ण ढंग से संपन्न कराने को लेकर पूरी तरह से नियमों का पालन किया जाएगा। मानक विहीन विद्यालयों को किसी भी कीमत पर परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाएगा। मानक पर खरा उतरने वाले विद्यालय ही परीक्षा केंद्र बनेंगे। जांच अधिकारी नामित कर दिए गए हैं।

Posted By: Satish Shukla

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