गोरखपुर, जेएनएन। जिला जेल में हुए बवाल की मजिस्ट्रेटी जांच शुरू हो गई है।  मंगलवार को जेलर व बंदी रक्षकों का बयान होना था, लेकिन विवेचक की व्यस्तता के चलते नहीं हो पाया। उधर सीओ गोरखनाथ व क्राइम ब्रांच की टीम ने एडीएम सिटी कार्यालय में अपना बयान दर्ज कराया। इनके अलावा दो अन्य लोगों के भी बयान दर्ज हुए। दूसरी तरफ शाहपुर पुलिस ने दर्ज मुकदमे की विवेचना शुरू कर दी है।

एडीएम सिटी कार्यालय पहुंचे सीओ

सीओ गोरखनाथ प्रवीण सिंह क्राइम ब्रांच की टीम के साथ एडीएम सिटी कार्यालय पहुंचे। सीओ ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर बंदी का बयान लेने 10 अक्टूबर की शाम छह बजे जेल गए थे। जहां वह आधा घंटा रहे। क्राइम ब्रांच की टीम ने भी यही बात दोहराई। सीओ पर पिटाई का आरोप लगाने वाले बंदियों व जेल कर्मियों का बयान एडीएम सिटी ने जेल में पहुंचकर पहले ही दर्ज कर लिया था। 

यह है मामला

11 अक्टूबर की सुबह बैरक खुलने के बाद बंदियों ने डिप्टी जेलर और बंदी रक्षकों पर हमला कर दिया था। बीच-बचाव करने गए जेलर से हाथापाई के बाद परिसर में तोडफ़ोड़ शुरू कर दी। सीसी कैमरे, साउंड सिस्टम तोडऩे के बाद किचन के पास आग लगा दी। बंदी खराब खाना मिलने और पुलिस अधिकारी द्वारा जेल में आकर अकारण पिटाई करने का आरोप लगा रहे थे। जेलर ने बवाल करने वाले 21 नामजद और 250 अज्ञात बंदियों पर शाहपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।

गुरुवार तक चलेगी बयान दर्ज करने की प्रक्रिया

इस संबंध में एडीएम सिटी आरके श्रीवास्‍तव का कहना है कि जेल में बवाल की मजिस्ट्रेटी जांच चल रही है। घटना से जो भी संबंधित हैं, उनके बयान दर्ज किए जा रहे हैं। गुरुवार तक यह प्रक्रिया चलेगी। 

Posted By: Satish Shukla

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप