गोरखपुर, जेएनएन। महिला अपराध पर भले ही डीजीपी की ओर से सख्त निर्देश जारी किया गया हो , लेकिन जिले में कड़ाई से पालन होता नहीं दिख रहा है। बीस दिनों से तलाक पीड़ित महिला मुकदमा दर्ज करने के लिए महराजगंज जिले के चौक थाने का चक्कर लगा रही है। जांच के नाम पर पुलिस मामले में लीपापोती करने में जुट गई। पुलिस ने पति से बात कर तीन तलाक पीड़िता को थाने से खदेड़ दिया। मामला एसपी के संज्ञान में पहुंचा। प्रथम दृष्टया लापरवाही सामने आने पर उन्होंने चौक थानाध्यक्ष के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दे दिया।
महराजगंज जिले के ¨सदुरिया निवासी नजमा की शादी 27 जुलाई 2016 को चौक थानाक्षेत्र के खजुरिया निवासी आरिफ के साथ हुई थी। कुछ दिन के बाद पति का असली चेहरा सामने आ गया। उसके बाद पति की ओर से दहेज की डिमांड की जाने लगी। नजमा अपने मां-बाप की स्थिति अच्छी तरह से जानती है। इसलिए उसने पति की डिमांड को इन्कार कर दिया। उसके बाद पति ने पीटकर पत्‍‌नी को मायके भेज दिया। कुछ दिनों बाद वह फिर ससुराल आई। इस दौरान पति का व्यवहार ठीक नहीं था। इसी बीच वह अरब चला गया। आरोप है कि 15 जून सऊदी अरब से पति ने नजमा के मोबाइल पर फोन कर तलाक दे दिया।
उसके बाद पति द्वारा फोन पर तलाक दिये जाने की तहरीर नजमा ने महिला ने थाने में दे दी। मामला गंभीर होने के बाद भी पुलिस जांच का हवाला देकर मामले को लटकाती रही। बीस दिनों से मामला थाने में दबा रहा। सोमवार को एसपी ने मामले को गंभीरता से लिया। बीस दिनों में कार्रवाई नहीं किए जाने पर एसओ चौक राम सहाय चौहान के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिया। उन्होंने कहा कि फोन पर तीन तलाक दिये जाने की तहरीर महिला ने दी है। पति लंबे समय से विदेश में है। उसका पासपोर्ट कैंसिल कराया जाएगा। मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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