गोरखपुर, जेएनएन। हवा के निम्न दबाव का क्षेत्र बिहार से बंगाल की खाड़ी तक बना हुआ है, जिसके एक से दो दिन नेपाल के पहाड़ों तक पहुंचने का पूर्वानुमान है। इस आधार पर नौ जुलाई के बाद गोरखपुर सहित पूर्वी उत्तर प्रदेश के अधिकांश जिलों में मध्यम से भारी वर्षा हो सकती है। 11 से 12 जुलाई के बीच भारी बारिश होने के आसार हैं। वायुमंडलीय परिस्थितियों के अध्ययन के बाद यह पूर्वानुमान जताया है मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय ने। उन्होंने बताया कि जुलाई में औसत बारिश का आंकड़ा 383.4 मिलीमीटर है, जबकि अबतक 115 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है।

उधर सोमवार की रात से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला बुधवार तक रुक-रुक कर जारी रहा। इस दौरान कुल 61.6 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई। इस बारिश ने उमस से फौरी राहत तो दिलाई लेकिन जलभराव से लोगों को दिक्कत हुई। हालांकि दोपहर बाद बारिश न होने से लोगों की दिनचर्या सामान्य हो गई। मौसम विशेषज्ञ ने बताया कि इस समय पूर्वी उत्तर प्रदेश की ऊपरी हवाओं में चक्रवातीय हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है, इसी वजह से रह-रहकर तेज बारिश हो जा रही है। चूंकि नौ जुलाई के बाद भी बारिश की वायुमंडलीय परिस्थितियां  तैयार हो रही हैं, ऐसे में वर्षा का यह सिलसिला रुक-रुक कर अगले एक सप्ताह तक जारी रहने वाला है।

शहर से निकला पानी, आसपास परेशानी

मंगलवार को मूसलधार बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में जलभराव हो गया। शहर के बीच वाले बाजारों व मोहल्लों से तो पानी निकल गया लेकिन आसपास के इलाकों में पानी इक_ा हो जाने के कारण नागरिकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जिला अस्पताल, संक्रामक रोग अस्पताल, रेती रोड, कोतवाली के पास नखास चौराहा, विजय चौक आदि इलाकों में बारिश बंद होने के कुछ देर बाद पानी निकल गया लेकिन तारामंडल रोड, मेडिकल कॉलेज रोड, नंदानगर, प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, इलाहीबाग, रसूलपुर आदि इलाकों में घंटों पानी जमा रहा।

महादेव झारखंडी में साफ कराया नाला-नाली

जलभराव की जानकारी के बाद नगर निगम की टीम ने महादेव झारखंडी, रुस्तमपुर के राजीव नगर, महुई सुघरपुर, तारामंडल रोड आदि स्थानों पर नाला-नालियों की सफाई कराई। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मुकेश रस्तोगी ने बताया कि जहां जलभराव की शिकायत मिली वहां टीम भेजकर सफाई कराई गई।

सरयू खतरे के निशान के करीब

गोरखपुर में सरयू नदी का बढ़ता जलस्तर दक्षिणांचल के इलाकों में खतरे का सबब बनता जा रहा है। अगले 24 घंटे में सरयू का जल स्तर खतरे के निशान को पार कर जाएगा। इसको लेकर केंद्रीय जल आयोग व ङ्क्षसचाई विभाग ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। इस बीच एसडीएम खजनी सुरेश राय व एसडीएम गोला राजेंद्र बहादुर ने बाढ़ चौकियों का निरीक्षण कर सतर्क रहने का निर्देश दिया है। सरयू नदी अयोध्या पुल पर खतरे के निशान से मात्र 39 सेमी नीचे है। नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। ऐसे में 24 घंटे में नदी के खतरे के निशान को पार करने की आशंका है। सोमवार को सरयू का जलस्तर 92.02 सेमी था।

केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक मंगलवार को राप्ती नदी के जल स्तर में 15 सेमी की कमी दर्ज की गई है। रोहिन का पानी भी 21 सेमी कम हुआ है, लेकिन सरयू का जलस्तर बढऩे के कारण राप्ती व रोहिन नदी का जलस्तर भी दो दिनों में बढऩे की उम्मीद है। एसडीएम खजनी ने सिंचाई विभाग के बाढ़ खंड-दो के अधिशासी अभियंता रूपेश खरे के साथ छितहरी थुनी तटबंध के पास गोपालपुर व डुमरैला का निरीक्षण किया। उन्होंने तटबंधों पर आवश्यक सामग्रियों के भंडारण का निर्देश दिया। एडीएम वित्त व प्रभारी आपदा राजेश सिंह ने बताया कि सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है। सिंचाई, राजस्व विभाग व पुलिस को लगातार तटबंधों पर पेट्रोलिंग के निर्देश दिए गए हैं। कटान स्थलों को चिह्नित कर तटबंधों पर चल रहे कार्यों को पूरा करने को भी कहा गया है। 

Posted By: Pradeep Srivastava

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