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खरीफ के सीजन में खाद की कमी नहीं होने देगा रेलवे, किसानों को मिलेगी राहत 

Published: Sat, 20 Jun 2026 03:27 PM (IST)

रेलवे ने खरीफ सीजन में किसानों को खाद की कमी न हो, इसके लिए विशेष कार्ययोजना बनाई है। जून से ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

HighLights

  1. रेलवे खरीफ सीजन में खाद की कमी नहीं होने देगा।

  2. जून से अगस्त तक उर्वरक ढुलाई को उच्च प्राथमिकता मिलेगी।

  3. पर्याप्त रेक उपलब्ध कराकर खाद की तेज आवाजाही सुनिश्चित होगी।

प्रेम नारायण द्विवेदी, गोरखपुर। रेलवे, खरीफ के सीजन में खाद की कमी नहीं होने देगा। किसानों को फसलों की बोआई और फसल प्रबंधन (छिड़काव) के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध होगा। खरीफ सीजन के दौरान किसानों को समय पर उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भारतीय रेलवे ने विशेष कार्ययोजना तैयार की है।

रेलवे बोर्ड ने सभी ज़ोनल रेलवे को निर्देश जारी कर आयातित एवं घरेलू उर्वरकों की ढुलाई के लिए पर्याप्त रेक उपलब्ध कराने तथा खाद से भरी रेक की निर्बाध एवं त्वरित आवाजाही सुनिश्चित करने को कहा है।

रेल मंत्रालय के अनुसार, उर्वरक विभाग ने रेलवे को अवगत कराया है कि जून 2026 और इसके बाद के महीनों में देश के विभिन्न बंदरगाहों पर बड़ी मात्रा में आयातित यूरिया, डीएपी और एनपीके उर्वरक पहुंचने की संभावना है। ऐसे में इन उर्वरकों को समय पर खपत वाले राज्यों तक पहुंचाना आवश्यक होगा, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

रेलवे बोर्ड के निदेशक (नीति) तुषार सारस्वत ने 15 जून 2026 को पत्र लिखकर सभी जोनल रेल प्रशासन को निर्देशित किया है कि बंदरगाहों एवं उर्वरक संयंत्रों से खाद की शीघ्र निकासी के लिए पर्याप्त संख्या में रेक उपलब्ध कराए जाएं। साथ ही, उर्वरक रेक की तेज आवाजाही सुनिश्चित करने और परिवहन में आने वाली किसी भी बाधा को प्राथमिकता के आधार पर दूर करें।

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बोर्ड निदेशक ने स्थिति की निरंतर निगरानी करने तथा खरीफ सीजन के दौरान खाद की उपलब्धता बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने पर जोर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि खरीफ सीजन के दौरान उर्वरकों की समय पर उपलब्धता कृषि उत्पादन बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

ऐसे में रेलवे और उर्वरक विभाग के बीच यह समन्वय किसानों को राहत देने के साथ-साथ देश की खाद आपूर्ति व्यवस्था को भी मजबूत करेगा। गोरखपुर में भी खाद कारखाना हैं। कारखाने में रोजाना लगभग चार हजार टन खाद तैयार होती है। गोरखपुर में बनी खाद को मांग के अनुसार मालगाड़ियों के माध्यम से देश के कोने-कोने तक पहुंचाया जाता है।

रेलवे बोर्ड की तैयारी

  • आयातित यूरिया, डीएपी और एनपीके की बड़ी खेप आने की संभावना।
  • जून से अगस्त महीने तक खाद ढुलाई को उच्च प्राथमिकता।
  • सभी ज़ोनल रेलवे को पर्याप्त रेक उपलब्ध कराने के निर्देश।
  • बंदरगाहों और संयंत्रों से खाद की तेज निकासी पर जोर।
  • किसानों तक समय पर उर्वरक पहुंचाने के लिए विशेष निगरानी व्यवस्था।

रेलवे बोर्ड द्वारा सभी जोन को निर्देशित किया गया है कि खरीफ सीजन में किसानों को उर्वरक की कोई कमी नहीं होने दी जाए। इसके लिए रेलवे प्रमुख प्राथमिकता पर फर्टिलाइजर की लोडिंग हेतु रेक उपलब्ध करते हुए यह भी सुनिश्चित करे कि फर्टिलाइजर की रेक उच्च प्राथमिकता पर चलाई जाए। रेलवे बोर्ड का यातायात निदेशालय राष्ट्रीय स्तर पर इसकी निगरानी कर रहा है। रेलवे के इस पहल से किसानों को राहत मिलेगी।

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- सुमित कुमार, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी- पूर्वोत्तर रेलवे