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कागजी काम खत्म, अब सिर्फ सुरक्षित ट्रेन संचालन पर रहेगा लोको पायलटों का ध्यान

Published: Sun, 23 Aug 2026 08:34 AM (IST)

रेलवे बोर्ड ने लोको पायलटों और सहायक लोको पायलटों के अनावश्यक कागजी कार्य पर अंकुश लगाकर उन्हें ट्रेन संचालन पर ...और पढ़ें

ट्रेन संचालन को अधिक सुरक्षित, सरल व प्रभावी बनाएगी यह नई व्यवस्था। जागरण

ट्रेन संचालन को अधिक सुरक्षित, सरल व प्रभावी बनाएगी यह नई व्यवस्था। जागरण

HighLights

  1. लोको पायलट अब ट्रेन चलाने पर ध्यान देंगे।

  2. रेलवे बोर्ड ने अनावश्यक कागजी कार्य समाप्त किया।

  3. ट्रेन संचालन को सुरक्षित और प्रभावी बनाना लक्ष्य।

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। लोको पायलट ड्यूटी के दौरान सिर्फ ट्रेन चलाने पर ध्यान देंगे। अतिरिक्त कार्य से मुक्त रहेंगे। रेलवे बोर्ड ने लोको पायलट (एलपी) एवं सहायक लोको पायलट (एएलपी) के अनावश्यक कागजी कार्य (पेपर वर्क) पर अंकुश लगा दिया है। रेलवे बोर्ड ने समिति की सिफारिशों को मंजूरी देते हुए स्पष्ट किया है कि अब ट्रेन संचालन के दौरान चालक दल पर लेखन कार्य का अतिरिक्त बोझ नहीं डाला जाएगा। इस निर्णय का उद्देश्य ट्रेन संचालन को अधिक सुरक्षित, सरल और प्रभावी बनाना है।

रेलवे बोर्ड की नई व्यवस्था के अनुसार अब लोको पायलट ट्रेन चलाते समय क्रू डायरी या लाग बुक में किसी भी प्रकार का लेखन कार्य नहीं करेंगे। सहायक लोको पायलट के लेखन कार्य भी काफी सीमित कर दिए गए हैं। सहायक लोको पायलट को केवल आवश्यक विवरण ही दर्ज करने होंगे। मेमू और डेमू ट्रेनों में कार्यरत मोटरमैन को भी ट्रेन संचालन के दौरान क्रू डायरी में कोई प्रविष्टि नहीं करनी होगी।

ट्रेन रवाना होने से पहले लोको, ट्रेन और क्रू का विवरण, मालगाड़ियों में केवल ब्रेक पावर सर्टिफिकेट (बीपीसी) का विवरण, कोचिंग ट्रेनों में बीपीसी की वैधता की जांच, आवश्यकता होने पर 'काशन आर्डर' का विवरण आदि से संबंधित असामान्यता तथा कोचिंग ट्रेनों के निर्धारित ठहराव और समय दर्ज किए जाएंगे।

यात्रा के दौरान भी लेखन कार्य को न्यूनतम कर दिया गया है। कोचिंग ट्रेनों में केवल स्टेशन पर रुकने के बाद वास्तविक आगमन या प्रस्थान समय दर्ज किया जाएगा। मार्ग में यदि कोई लोको दोष, असामान्य घटना या विलंब होता है, तो उसकी प्रविष्टि केवल ट्रेन रुकने की स्थिति में ही की जाएगी।

रेलवे बोर्ड ने ऊर्जा मीटर से संबंधित एक और महत्वपूर्ण राहत देते हुए ऊर्जा खपत एवं पुनर्जनन की मैनुअल इंट्री की अनिवार्यता समाप्त कर दी है। अब यह विवरण क्रू को अलग से दर्ज नहीं करना होगा। क्रू डायरी लोको पायलट को जारी की जाएगी और इसे एक वर्ष तक सुरक्षित रखा जाएगा। यदि किसी दुर्घटना या जांच से संबंधित मामला हो, तो अंतिम निस्तारण तक इसे संरक्षित रखना अनिवार्य होगा।

आल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन (एआइआरएफ) ने इस फैसले का स्वागत किया है। जोनल सेक्रेटरी ओंकार सिंह का मानना है कि इस निर्णय से लोको पायलट एवं सहायक लोको पायलट अनावश्यक कागजी कार्य से मुक्त होकर ट्रेन संचालन, सिग्नल पालन और सुरक्षा संबंधी जिम्मेदारियों पर अधिक प्रभावी ढंग से ध्यान दे सकेंगे। साथ ही रेलवे प्रशासन की उदासीनता पर सवाल खड़ा किया है।

कहा है कि नार्दन समेत अधिकतर जोन में यह व्यवस्था लागू हो गई है, लेकिन पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन इसको लेकर उदासीन बना हुआ है। फेडरेशन के जनरल सेक्रेटरी शिव गोपाल मिश्र ने पूर्वोत्तर रेलवे समेत सभी जोनल रेलवे से इस व्यवस्था को जल्द लागू करने की सिफारिश की है।