गोरखपुर, जागरण संवाददाता। गोरखपुर शहर के भीतर एवं बाहरी क्षेत्रों में हो रही अनियोजित प्लाटिंग पर जल्द ही गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) का डंडा चलेगा। मानकों का पालन किए बिना प्लाटिंग करने वालों के विरुद्ध जीडीए उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर ने सख्त रुख अपनाया है। ऐसे लोगों को चिह्नित कर नोटिस दी जा रही है। जल्द ही अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त भी किया जाएगा। जीडीए द्वारा अनियोजित विकास को चिह्नित करने के क्रम में अवैध कालोनियों की जीआइएस मैपिंग भी कराई गई थी। इसमें 153 कालोनियों को अवैध पाया गया था। एक बार फिर जीडीए इस सूची पर काम करने जा रहा है।

इन नियमों का नहीं हो रहा पालन

शहर की नई महायोजना को लागू करने की प्रक्रिया चल रही है। इस महायोजना में प्राधिकरण के विस्तारित क्षेत्र को भी शामिल किया गया है। रियल एस्टेट कारोबारी शहर से सटे क्षेत्रों में धड़ल्ले से प्लाटिंग कर रहे हैं। कुछ प्लाटिंग जीडीए के पुराने क्षेत्रों में भी हो रही है। नियमानुसार प्लाटिंग करने से पहले रेरा से स्वीकृति प्राप्त करनी होती है और जीडीए से तलपट मानचित्र स्वीकृत कराना होता है लेकिन अधिकतर प्लाटिंग में इन मानकों का पालन नहीं किया गया। इन स्थानों पर जमीन लेकर घर बनाने वालों को बाद में परेशान होना पड़ता है। विस्तारित क्षेत्र में अभी तक भू उपयोग निर्धारित नहीं है, ऐसे में किसी भी प्लाटिंग में मानकों के पालन की बात करना बेमानी है। जीडीए की ओर से ऐसे लोगों को लगातार नोटिस भेजी जा रही है। जल्द ही ध्वस्तीकरण की कार्यवाही भी शुरू हो सकती है। धरातल पर सर्वे के साथ ही ड्रोन से सर्वे कराकर भी प्लाटिंग को चिह्नित किया जा रहा है।

नया गोरखपुर बसाने की तैयारी में जीडीए

जीडीए नया गोरखपुर बसाने की तैयारी में है। इसके लिए महायोजना में व्यवस्था की जा रही है। अवैध प्लाटिंग पर रोक के साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि शहर के बाहरी क्षेत्र में अनियोजित विकास न होने पाए। अनियोजित विकास हुआ तो नए गोरखपुर के प्रोजेक्ट को भी झटका लग सकता है।

क्या कहते हैं अधिकारी

जीडीए उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि किसी भी तरह की अवैध प्लाटिंग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसका सर्वे कराया जा रहा है। कुछ स्थानों पर अवैध प्लाटिंग चिह्नित की गई है। अनियोजित विकास को पूरी तरह से रोका जाएगा।

Edited By: Pragati Chand

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