गोरखपुर, जागरण संवाददाता : जिले में भूमि विवाद के मामलों में हिंसा को रोकने के लिए जिलाधिकारी विजय किरण आनंद ने विवाद होने की स्थिति में दोनों पक्षों या मजबूत पक्ष को पाबंद करने का निर्णय लिया है। यानी यदि भूमि विवाद में हिंसा हुई तो कानूनी कार्रवाई के साथ ही आर्थिक चोट भी पहुंचेगी। हिंसा करने पर जमानत के समय जमानत धनराशि के बराबर जमा की गई संपत्ति को जब्त कर लिया जाएगा। जमानत धनराशि जमीन की कीमत के अनुसार तय की जाएगी।

भूमि विवाद के मामले को निस्‍तारित करने पर जोर

जिले में भूमि विवाद के मामलों को निस्तारित करने पर जोर है। इन मामलों में हिंसा न हो, इसके लिए सभी जरूरी एहतियात बरते जाएंगे। मामले के निस्तारण से पहले यदि विवाद की आशंका दिखेगी तो पाबंदी की कार्रवाई की जाएगी। यदि दोनों पक्ष मजबूत होंगे तो दोनों को या एक पक्ष मजबूत व दूसरा कमजोर है तो मजबूत को पाबंद किया जाएगा। पाबंदी के लिए जमानत की राशि एक से दो लाख या इससे अधिक तय की जा सकती है। माना जा रहा है कि आर्थिक नुकसान के डर से विवादों में कमी आएगी। सभी एसडीएम एवं तहसीलदारों को निर्देश दिया गया है कि तहसीलस्तर पर ही जमीनी विवाद का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। एसडीएम एवं तहसीलदार मौके पर जाएंगे और मामले को निस्तारित करेंगे। निरीक्षण के समय ही भविष्य में विवाद की आशंका का भी आकलन करना होगा, जिससे पाबंद किया जा सके।

सरकारी जमीन से हटेगा कब्जा

जिलाधिकारी ने सरकारी जमीन से कब्जा हटाने को भी कहा है। कब्जा हटाने के बाद जमीन को सुरक्षित कर लिया जाएगा।

भूमि विवाद के मामलों को लेकर बरती जा रही है गंभीरता

जिलाधिकारी विजय किरण आनंद ने कहा कि भूमि विवाद से जुड़े मामलों को लेकर गंभीरता बरती जा रही है। जहां विवाद की आंशका होगी, वहां दोनों पक्षों को या फिर मजबूत पक्ष को पाबंद किया जाएगा। इसके साथ ही सरकारी जमीन से कब्जा हटाकर उसे सुरक्षित किया जाएगा।

Edited By: Rahul Srivastava