IAS पद से इस्तीफा देने के बाद दिव्या मित्तल का क्या है प्लान? आगे की स्ट्रेटजी पर खुलकर की बात
IAS दिव्या मित्तल ने अपनी इच्छा से पद से इस्तीफा दे दिया है, जिसके बाद उनकी अगली पारी को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।


समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
आशुतोष मिश्र, गोरखपुर। आईएएस दिव्या मित्तल ने रविवार को अपनी इच्छा से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने एक्स पर पोस्ट लिखकर इसे सार्वजनिक किया। इसमें उन्होंने देवरिया तथा मीरजापुर के कार्यकाल को विशेष रूप से याद किया।
लिखा, 'देवरिया ने सिखाया कि सही के साथ खड़ा होना विकल्प नहीं, कर्तव्य है।' मीरजापुर से आत्मिक-आध्यात्मिक जुड़ाव प्रकट कर कहा, 'मां विंध्यवासिनी के चरणों में बैठकर सीखा कि शक्ति किसी पद से नहीं, उनकी कृपा और लोगों के विश्वास से आती है।' क्या वह किसी 'सही के साथ खड़ा' होने का मन बना चुकी हैं और पद छोड़ अब 'लोगों के विश्वास' की शक्ति को साधना चाहती हैं?
ऐसे बहुत से प्रश्नों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि दिव्या मित्तल की अगली पारी क्या होगी?
दिव्या मित्तल ने दो किताबें भी लिखी हैं
दिव्या मित्तल की पोस्ट का सबसे महत्वपूर्ण संकेत है कि उन्होंने पद छोड़ा है, सपना नहीं। वह आगे लिखती हैं- 'अब अपने लोगों के लिए देखे सपनों को जीना बाकी है।' इस कारण उनके अगले कदम को लेकर अटकलें तेज हैं। दिव्या ने खाली समय में प्रतियोगियों को पढ़ाया है और दो पुस्तकें भी लिखी हैं, जिससे शिक्षा या लेखन के क्षेत्र में सक्रिय होने के अनुमान स्वाभाविक हैं।
हाल ही में एक राजनेता से भेंट और 15 अगस्त को साझा किया गया उनका वीडियो संदेश भी चर्चाओं का विषय बना है। लोग इससे जोड़कर उनके इस्तीफे को मीरजापुर से उनकी राजनीतिक पारी शुरू करने का इशारा मान रहे हैं।
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पति निजी सेक्टर में कर रहे काम
इस्तीफे की घोषणा कर वह अपने पति गगनदीप सिंह ढिल्लों की राह पर बढ़ चुकी हैं। गगनदीप ने चार साल पहले सिविल सेवा छोड़ी थी और अब निजी क्षेत्र में ट्रेडर के तौर पर काम कर रहे हैं। परिवार में सरकारी सेवा से बाहर निकलकर नई पेशेवर पारी का उदाहरण पहले से मौजूद है। हालांकि, दिव्या ने अपने अगले कदम के बारे में स्पष्ट नहीं किया।
दैनिक जागरण से बातचीत में उन्होंने कहा कि वह काफी समय से इस्तीफा देने के बारे में सोच रही थीं और अपने फैसले से संतुष्ट हैं। उन्होंने संकेत दिया कि उनकी कुछ और योजना है, जिसका खुलासा वह बाद में करेंगी।

देवरिया की यादों में उपलब्धियां, विवाद भी
दिव्या मित्तल का कार्यकाल उपलब्धियों के साथ विवादों से भी घिरा रहा। जुलाई 2024 से मई 2026 तक देवरिया की डीएम रहीं दिव्या का कार्यकाल कई महत्वपूर्ण घटनाओं का गवाह रहा। 03 जुलाई, 2025 को दिशा की बैठक में बरहज विधायक दीपक मिश्र और डीएम दिव्या मित्तल के बीच तीखी बहस ने हलचल पैदा कर दी थी।
विधायक विकास कार्यों और एक शिक्षिका के वेतन भुगतान का मुद्दा उठा रहे थे। विवाद बढ़ने पर विधायक बैठक से बाहर चले गए। इसके बाद दिव्या ने जनप्रतिनिधियों को प्रशासनिक नियमों का हवाला देते हुए ट्रांसफर-पोस्टिंग के लिए दबाव न बनाने की बात कही।
इस विवाद का मुख्य केंद्र बिंदु तत्कालीन बीएसए शालिनी श्रीवास्तव थीं। 21 फरवरी, 2026 को शिक्षक कृष्णमोहन सिंह ने शालिनी और उनके सहयोगियों पर प्रताड़ना एवं नौकरी में बहाली के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए आत्महत्या कर ली। इस प्रकरण ने दिव्या के प्रशासनिक निर्णयों को लेकर उठे सवालों को फिर से सामने ला दिया।

लंदन की नौकरी छोड़कर लौटीं
23 नवंबर, 1983 को दिल्ली में जन्मीं दिव्या मित्तल मूलरूप से हरियाणा के रेवाड़ी जिले की हैं। उन्होंने आइआइटी दिल्ली से इंजीनियरिंग और आइआइएम बेंगलुरु से एमबीए किया। लंदन में जेपी मोर्गन की नौकरी छोड़कर भारत लौटीं और सिविल सेवा में आईं। उनकी मां का नाम सरोज मित्तल बताया जाता है।
उनके परिवार के तीनों बच्चे आइआइटी के बाद आइआइएम तक पहुंचे, दिव्या ने स्वयं वर्ष 2022 में यह जानकारी साझा की थी। 2012 में आइपीएस तो 2013 में 68वीं रैंक हासिल कर दिव्या आइएएस बनीं। उनकी दो बेटियां अद्विका और अव्याना ढिल्लों हैं।
