गोरखपुर, जेएनएन। राजघाट के तुर्कमानपुर निवासी जहीन और उसके पड़ोसी कयामुद्दीन को पति, पत्नी और वो के चक्कर में जान गंवानी पड़ी। कयामुद्दीन की पत्नी ने 10 सितंबर की रात में प्रेमी को फोन कर जिला अस्पताल के पास मिलने के लिए बुलाया था। वहीं से दोस्तों के साथ मिलकर कयामुद्दीन उसे अगवा कर ले गया और बर्फखाना स्थित अपनी हार्ड वेयर की दुकान में उसे मौत के घाट उतारने के बाद शव को पीछे कब्रिस्तान में दफना दिया। इस रहस्य से पर्दा उठने के बाद जब उसे लगा कि उसकी गिरफ्तारी हो जाएगी तो उसने खुदकशी कर ली।

कयामुद्दीन का पत्नी से हो गया था तलाक

जहीन और कयामुद्दीन का घर बिल्कुल सटा हुआ है। कायमुद्दीन की पत्नी का मायका उनके घर के ठीक सामने रास्ते की दूसरी तरफ है। कयामुद्दीन से शादी होने के बाद जैनब का अपने घर की छत पर आना-जाना रहता था। इस दौरान जहीन से उसका सामना होता रहता था। धीरे-धीरे उनके बीच बातचीत शुरू हो गई। दोनों एक-दूसरे के बेहद करीब आ गए और मौका निकालकर अकेले में एक-दूसरे से मिलने लगे। करीब छह माह पहले कयामुद्दीन को उनके संबंध की जानकारी हुई तो पत्नी से उसने तलाक ले लिया। इसके बाद से ही जैनब मायके में रहने लगी।

रिश्ता टूटने के बाद दोबारा करीब आए जैनब व कयामुद्दीन

घर आमने सामने होने की वजह तलाक होने के बाद भी कयामुद्दीन और जैनब का करीब-करीब रोज ही सामना होता रहता था, इसलिए रिश्ता टूटने के बाद भी दोनों के मन में एक-दूसर प्रति झुकाव बना रहा। कुछ ही दिन अलग रहने के बाद उनके बीच दोबारा बातचीत शुरू हुई तो उन्हें अपनी गलती का अहसास हुआ। वक्त बीतने के साथ दोनों नए सिरे से पति-पत्नी के रूप में जिंदगी बसर करने का फैसला किया।

जहीन को रास्ते से हटाने का किया फैसला

एक बार अलग होने के बाद कयामुद्दीन और जैनब जब साथ आए तो उन्हें लगा कि जहीन की वजह से उनके जीवन में तूफान आया था, इसलिए दोबारा एक साथ जीवन शुरू करने से पहले उन्होंने जहीन को रास्ते से हटाने का निर्णय लिया। छह सितंबर को दोनों ने मिलकर जहीन की हत्या की योजना बनाई।

नए सिम का इस्तेमाल कर घटना को दिया अंजाम

जहीन की हत्या करने के बाद कयामुद्दीन ने नया सिम खरीदा और उसे मोबाइल में लगाकर पत्नी को देकर उससे बातचीत शरू करने का कहा। सात सितंबर से जैनब ने जहीन से बातचीत शुरू की। 10 सितंबर को मुहर्रम के जुलूस के दौरान जैनब ने जहीन को जिला अस्पताल के पास मिलने के लिए बुलाया। उसके आने पर बातचीत करते हुए जैनब उसे थोड़ी दूरी पर मेवातीपुर मोहल्ले में अंधेरे स्थान पर ले गई। तीन दोस्तों के साथ कयामुद्दीन पहले से मौजूद था। जहीन को देखते ही बेस बाल के स्टिक से उसने उसके सिर पर प्रहार कर दिया। जिससे वह बेहोश हो गया था।

पुलिस वालों को झांसा दे घायल जहीन को ले गए साथ

जहीन को घायल करने के बाद कयामुद्दीन और उसके दोस्त उसे बाइक पर बीच में बिठा कर ले जा रहे थे। सिर पर लगे घाव को उन्होंने गमछे से बांध दिया था। मुहर्रम का जुलूस निकलने की वजह से पुलिस काफी सक्रिय थी। कयामुद्दीन और उसके दोस्त जहां भी पुलिस वालों को देखते, पहले ही कहना शुरू कर देते कि बार-बार मना किया जाता है कि शराब पीकर मारपीट मत करो, लेकिन मानते नहीं हो, अब भुगतो। यदि पुलिस वाले उन्हें रोकते तो मारपीट में घायल होने की बात कहकर उन्हें झांसा दे आगे निकल जाते।

हार्डवेयर की दुकान में की हत्या

कयामुद्दीन की बर्फखाना में हर्डवेयर की दुकान है। दुकान का पिछला दरवाजा नार्मल कब्रिस्तान में खुलता है। मेवतीपुर से जहीन को लेकर वे हार्डवेयर की दुकान में पहुंचे। दुकान के अंदर उसका गला घोंटने के बाद चाकू गोदकर उसे मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद पीछे के रास्ते से कब्रिस्तान में ले जाकर उसे दफन कर दिया।

सीसी टीवी फुटेज से खुला राज

कयामुद्दीन की दुकान के सामने की दुकान के बाहर सीसी टीवी कैमरा लगा हुआ है। जहीन को बाइक से कयामुद्दीन की दुकान में ले जाने और बाद में दुकान से उनके निकलने की घटना सीसी टीवी कैमरे में रिकार्ड हो गई थी। उसी फुटेज से जहीन की हत्या का राज खुला।

दोस्तों को बताकर प्रेमिका से मिलने गया था जहीन

10 सितंबर की रात प्रेमिका के बुलाने पर उससे मिलने जाने से पहले जहीन ने दोस्तों को इस बारे में बताया था। दूसरे दिन उसके घर न लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की तो दोस्तों ने ही रात में प्रेमिका से उसके मिलने जाने की जानकारी दी। इसी आधार पर पुलिस ने जैनब और उसके पति को केंद्र में रखकर छानबीन शुरू की।

Posted By: Pradeep Srivastava

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