गोरखपुर, जेएनएन। शहर में रेस्टोरेंट के नाम पर खुलेआम हुक्का बार चल रहे हैं। शायद ही कोई कोना ऐसा बचा होगा जहां पर का यह कारोबार चल ना रहा हो। हाल के दिनों में पुलिस ने कई जगह छापेमारी कर वहां से हुक्का और अन्य सामान जब्त भी किया लेकिन कुछ दिन बाद यह फिर चालू हो गए।

शहर के गोलघर, बैंक रोड, गांधी गली, मोहद्दीपुर, असुरन, मेडिकल कॉलेज, देवरिया बाईपास, रुस्तमपुर, गोरखनाथ रोड सहित आधा 39 स्थानों पर अत्याधुनिक साज-सज्जा युक्त हुक्का बार खुले हैं। यहां शाम को युवाओं व स्कूली छात्र-छात्राओं की खूब भीड़ होती है। संचालक सामान्य खानपान के अलावा हुक्का का भी इंतजाम करते हैं। संचालकों की मानें तो यहां जो हुक्का दिया जाता है उसमें नारकोटिक्स का कोई मिश्रण नहीं होता। यह पूरी तरह शाकाहारी व नशामुक्त सेब, केला, संतरा, अनानास, लीची व अन्य तमाम फ्लेवर का होता है।

कार्रवाई से बचते हैं अधिकारी

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग का कहना है कि हुक्का न तो खाद्य और न ही पेय पदार्थ है। इसलिए विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर सकता है। वहीं आबकारी विभाग का कहना है कि हुक्का आबकारी एक्ट के तहत नहीं आता है। पुलिस अधिकारी कहते हैं कि आइपीसी, सीआरपीसी और पुलिस मैनुअल में उनके खिलाफ हुक्का बार संचालकों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने का अधिकार नहीं है।

शहर में चलने वाले हुक्का बार की जांच कराई जा रही है। 18 वर्ष से कम आयु वाले लड़के और लड़कियों को हुक्का बार में प्रवेश देने वाले संचालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। यह किसकी अनुमति से चल रहे हैं, लाइसेंस का क्या मानक है इसकी जांच कराने के लिए डीएम को पत्र लिखा जाएगा। - डॉ. सुनील गुप्ता, एसएसपी, गोरखपुर।

Posted By: Pradeep Srivastava

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