गोरखपुर, जेएनएन। फिल्म देखने के शौक ने हाईस्कूल छात्र के मन में हीरो बनने का सपना जगा दिया। सपने को पूरा करने के लिए वह मुंबई चला गया था। परेशान परिजनों ने अनहोनी की आशंका जताते हुए अपहरण का मुकदमा दर्ज करा दिया। सीओ कैंट की टीम ने मुंबई पुलिस की मदद से छात्र को 24 घंटे में ढूंढ लिया। जिसके बाद परिजनों ने राहत की सांस ली।

कांशीराम आवासीय योजना में रहने वाला अंशुल हाईस्कूल का छात्र हैं। पिता धर्मदेव तिवारी की मौत हो चुकी है। मां शशि प्रभा कपड़ा सिलाई के कारखाने में काम कर परिवार की जीविका चलती है। घर से कुछ रुपये लेकर अंशुल स्कूल जाने के लिए निकला। शाम को जब वह नहीं लौटा तो मां और इंटर में पढऩे वाली बहन शौम्या तलाश में जुट गए। काफी देर तलाश के बाद भी पता न चलने पर पुलिस को सूचना दी। खोराबार पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कर लिया। रामगढ़ताल चौकी प्रभारी सूरज सिंह छात्र की तलाश में जुट गए।

परिजनों के सूचना देने पर एसएसपी डॉ. सुनील गुप्ता ने छात्र को बरामद करने के लिए सीओ कैंट के नेतृत्व में टीम गठित कर दी। रात में सीओ फोर्स के साथ छात्र के घर गए। उसकी किताबें और डायरी देखी तो उसमें मुंबई फिल्म सिटी के कई सेंटरों का पता और नंबर दर्ज था। इसके बाद मुंबई पुलिस से संपर्क कर वाट्सएप के जरिए छात्र की तस्वीर भेजी। जिसकी मदद से मुंबई पुलिस ने मंगलवार दोपहर में फिल्म सिटी के पास छात्र को बरामद कर लिया।

फ्लाइट से मुंबई गया था अंशुल

सीओ कैंट प्रभात राय ने बताया कि अंशुल सोमवार को फ्लाइट से मुंबई गया। मुंबई पुलिस के अधिकारियों को उसने बताया कि मुंबई जाने का टिकट पहले से बुक कराया था। इसके लिए पहले से पैसे जुटा लिए थे। सोमवार को स्कूल जाने के बहाने घर से कपड़े लेकर निकला और एयरपोर्ट पहुंच गया। पुलिस छात्र को लाने मुंबई रवाना हो गई है।

Posted By: Pradeep Srivastava

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