गोरखपुर, जेएनएन। आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए किसानों को व्यवसायिक खेती अपनाने पर जोर दिया जा रहा है। धान और गेंहू के अलावा किसानों को सब्जी की खेती से जोडऩे के लिए उद्यान विभाग आकर्षक योजनाएं लेकर आया है। शिमला मिर्च की खेती के लिए बस्ती मंंडल का जलवायु अनुकूल है। इस साल पांच हेक्टेयर में शिमला मिर्च की खेती शुरू की जाएगी।

अनुदान तो मिलेगा ही, तकनीकी जानकारी भी दी जाएगी

व्यवसायिक खेती करने वालों को अनुदान के साथ ही तकनीकी जानकारी भी मुहैया कराई जाएगी। धान-गेहूं,गन्ना की फसल के साथ ही सब्जी की खेती में रुचि रखने वाले किसानों को उद्यान विभाग जागरूक कर रहा है। नई तकनीक से खेती-किसानी के तरीके सुझाए जा रहे हैं।

टमाटर,धनिया,प्याज व लहसुन की आधुनिक पौधे तैयार

खेती के लिए भारत-इजरायल के सहयोग से यहां बने बंजरिया पाली हाउस में शिमला मिर्च के पौधे तैयार किए गए हैं। पाली हाउस में टमाटर,धनिया,प्याज व लहसुन की आधुनिक खेती करने के लिए पौधे और बीज तैयार किए गए हैं। अनुसूचित जाति के किसानों को इसमें 90 फीसद अनुदान दिए जाने का प्रावधान है।

पाली हाउस में तैयार उच्‍च क्वालिटी के पौधे

सेंटर-आफ-एक्सीलेंस फार-फ्रूट पाली हाउस बंजरिया में गुणवत्तायुक्त पौधे उपलब्ध हैं। शिमला मिर्च के अलावा गोभी, लौकी, तरोई,टमाटर के पौधे मिलने लगे हैं। किसान यहां से रियायती दर पर पौधे प्राप्त कर सकते हैं। पाली हाउस के पौधे रोगविहीन होते हैं। इनकी उत्पादन क्षमता भी अधिक है।

लाएं बीज,ले जाएं पौधे

किसानों को पाली हाउस में बेहतर सुविधा दी जा रही है। किसान बीज लेकर जाते हैं तो उन्हें पौधे तैयार करके भी दिया जाता है। किसानों की आय दोगुनी करने के लिए सरकार हर स्तर पर मदद कर रही है। संयुक्त निदेशक उद्यान डा. आरके तोमर का कहना है कि बंजरिया पाली हाउस में उच्‍च क्वालिटी के शिमला मिर्च के 25 हजार पौधे तैयार हैं। इसके अलावा 75 हजार की संख्या में टमाटर, गोभी, लौकी और भिंडी के  पौधे तैयार किए गए हैं।  

Posted By: Satish Shukla

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