गोरखपुर, जेएनएन। गुजरात के चर्चित पाटीदार आंदोलन के नेता व किसान क्रांति सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष हार्दिक पटेल ने कहा है कि राजनीतिक ताकतें राम मंदिर बनाने और दंगे कराने के लिए पिछड़े समाज का इस्तेमाल कर रही हैं। लाठी गोली खाने के लिए पिछड़ा समाज है लेकिन जब कुर्सी पर बैठकर मलाई खाने की बात आती है तो कोई और बैठ जाता है।
उन्होंने कहा कि हमारा किसी जाति दल से कोई विरोध नहीं है, पर कोई जाति या दल जानबूझकर हमें पीछे रखेगा तो संघर्ष में पीछे नहीं रहेंगे, चाहे वह योगी हों या फिर मोदी ही क्यों न हों। भक्ति वाला सत्ता में लिप्त क्यों है, यह पिछड़े समाज को समझना होगा और सचेत भी रहना होगा। हार्दिक पटेल शनिवार को कुशीनगर जिले के सिसवा महंथ चौराहा पर अखिल भारतीय कुर्मी-क्षत्रिय महासभा के बैनर तले आयोजित समाज के मंडलीय महासम्मेलन को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस गुलामी से आजाद होने की जरूरत है। गुजरात में भी हम लोग गुलाम थे।
वहां जागरूकता आई है। उत्तर प्रदेश में यही हो रहा है। गुलामी से आजादी के लिए गांव-गांव कार्य करने की जरूरत है। पिछड़े समाज के लोगों को आर्थिक, सामाजिक राजनीतिक मजबूती के लिए आत्ममंथन करने की जरूरत है। सामंतवादी ताकतों के खिलाफ खड़ा होना पड़ेगा। उनहोंने कहा कि हिन्दू को किसी से खतरा नहीं है, बल्कि कट्टरता से खतरा है। किसान आत्महत्या कर रहा है। गन्ना किसान परेशान है। पूरे देश को खिलाने वाला भूखा है। युवा बेरोजगार होता जा रहा है। इससे निकलने की जरूरत है।
विशेषकर यूपी, बिहार जैसे राज्य में हमारे समाज को आगे आने की जरूरत है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अखिलेश कटियार ने कहा कि देश में नीति आधारित व्यवस्था बनाने के लिए समाज को पुन: आगे आना होगा। पूर्व सांसद देवी ¨सह ने कहा कि समाज के सभी लोग मिलकर एक हो जाएं तो कायाकल्प हो जाएगा। हमारा समाज संख्या, धन और ताकत के मामले में किसी से पीछे नहीं है, बावजूद राजनीति में पीछे हैं। सम्मेलन को कुर्मी-गुर्जर एकता मंच के अध्यक्ष धर्म सिंह छिब्बर, पूर्व आइपीएस राजू बाबू सिंह, पूर्व पीसीएस डीपी सिंह, पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री जीएम सिंह, पूर्व विधायक विश्वनाथ सिंह, डॉ. कमल, प्रो. अनिरुद्ध सिंह ने संबोधित करते हुए समाज की एकजुटता पर बल दिया।

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