गोरखपुर, जेएनएन। कोरोना संक्रमण से पहले बच्चों को तनावमुक्त पढ़ाई का तरीका सिखाने के लिए हैप्पीनेस पाठ्यक्रम तैयार करने वाली टीम ने बदली परिस्थितियों में अपनी जिम्मेदारी का दायरा बढ़ा लिया है। अब इस टीम ने ऑनलाइन हैप्पीनेस चैपाल के माध्यम से जन-जन को तनावमुक्त करने का बीड़ा उठाया है। नई दिल्ली में तो यह चैपाल लॉकडाउन के दौरान से ही लगाई जा रही है लेकिन पाठ्यक्रम बनाने वाली टीम में शामिल गोरखपुर के श्रवण शुक्ला अब इसे अपने जिले गोरखपुर में भी शुरू करने जा रहे हैं।

पाठ्यक्रम टीम के श्रवण ने लिया है चैपाल लगाने का निर्णय

श्रवण का विश्वास है कि कोरोना से जंग में हैप्पीनेस चैपाल मददगार साबित होगी। चैपाल के माध्यम से लोगों को विश्वास के साथ तनावमुक्त जीवन जीते हुए कोरोना से जंग का तरीका बताया जाएगा। इस चैपाल से देश भर के विशेषज्ञों को जोड़ा जाएगा, जिससे तनाव दूर करने को लेकर उनसे मिलने वाले टिप्स का लाभ पूर्वांचल के लोगों को भी मिले। श्रवण का कहना है कि हैप्पीनेस पाठ्यक्रम महज एक शैक्षिक कार्यक्रम नहीं बल्कि सामाजिक कार्यक्रम भी है। ऐसे में इसकी सामाजिक जिम्मेदारी भी है। इसे ध्यान में रखकर लॉकडाउन के दौरान दिल्ली में ऑनलाइन हैप्पीनेस चैपाल लगाई गई और लोगों को मानसिक रूप से मजबूत बनाने का कार्य किया गया। समाजसेवी संस्था अभ्युदय ने इससे प्रभावित होकर गोरखपुर में ऐसी  ही चैपाल लगाने के लिए उन्हें आमंत्रित किया है। इसी क्रम में अब यहां भी हैप्पीनेस चैपाल लगने जा रही है। इस चैपाल से बड़ी संख्या में पूर्वांचल के लोगों को जोडऩे की कोशिश होगी।

चैपाल में इन विषयों पर होगी चर्चा

विश्वास को समझा जाए।

बातों से ही बनेगी बात।

क्या हम अपनी आवश्यकताएं जानते हैं

तनावमुक्त ङ्क्षजदगी कैसे जीया जाए।

चैपाल में सवाल पूछने का भी मिलेगा अवसर

पाठ्यक्रम बनाने वाली टीम में शामिल गोरखपुर के श्रवण शुक्ला का कहना है कि हैप्पीनेस चैपाल का आयोजन हर रविवार यूट्यूब और फेसबुक लाइव के माध्यम से किया जाएगा। चैपाल में शामिल लोगों को विशेषज्ञों से खुश और तनावमुक्त रहने का टिप्स तो मिलेगा ही, सवाल पूछने का अवसर भी मिलेगा। विषय से जुड़ी हर जिज्ञासा शांत की जाएगी। 

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