गोरखपुर/बस्ती, अमर वर्मा। बस्‍ती में मेडिकल कालेज बनने की राह में अब खाड़ी देशों की आपत्ति बाधक बन गई है। ओपेक देशों की बिना सहमति के चिकित्सालय को मेडिकल कालेज का हिस्सा बनाए जाने पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई गई है। यहां तक कि मेडिकल कालेज को भवन देने से इनकार कर दिया गया है। मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया (एमसीआइ) की रिपोर्ट में इन देशों की आपत्ति दर्ज की गई है।
गौरतलब है कि जिला अस्पताल को अपग्रेड करते हुए मेडिकल कालेज बनाया गया था। बाद में जिला अस्पताल परिसर को एमसीआइ ने मानक के अनुरूप न होने पर रिजेक्ट कर दिया था। इसके बाद ओपेक चिकित्सालय कैली को मेडिकल कालेज का हिस्सा बना दिया गया। इस पर जब ओपेक देशों ने पर्दा उठाया तो मामला फंस गया। बताया जा रहा है कि बिना सहमति के ओपेक चिकित्सालय को हायर किया गया। इस मामले में कोर्ट में परिवाद भी दाखिल हुआ है।
खाड़ी देशों की इस आपत्ति से जून में मेडिकल कालेज शुरू करने और जुलाई से प्रवेश व अगस्त से पढ़ाई शुरू करने की योजना पर पानी फिर गया है। मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा. नवनीत कुमार ने कहा आपत्ति दर्ज हुई है। इस बावत पत्र मिला है। अभी फिलहाल एमसीआइ की फाइनल रिपोर्ट नहीं आई है, रिपोर्ट के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। 
यह है मामला
ओपेक देशों में सऊदी अरब, अल्जीरिया, ईराक, इरान, कुवैत, अंगोला, ईक्वाडोर, संयुक्त अरब अमीरात, नाइजीरिया, लीबिया, वेनेजुएला, गबोन, गिनी व कांगो शामिल हैं। इन्हीं देशों के सहयोग से बस्ती में ओपेक चिकित्सालय का निर्माण कैली गांव में कराया गया था। यह देश इस अस्पताल को प्रतिवर्ष फंड देते हैं। मेडिकल कालेज का हिस्सा बनाने पर नाराजगी जताते हुए कहा गया है कि बगैर सहमति अस्पताल का आकार नहीं बदला जा सकता है।
आपत्ति पर विभाग में खलबली
खाड़ी देशों के सहयोग से बनाए गए इस अस्पताल को पूर्वांचल का मिनी पीजीआई कहा जाता है। बगैर खाड़ी देशों की सहमति लिए ओपेक चिकित्सालय को मेडिकल कालेज का हिस्सा बना लेने पर आपत्ति जताई गई है। शासन के जरिये विभाग को पत्र भेजकर ओपेक देशों ने कहा है कि हमारे फंड से गरीबों के लिए यह अस्पताल बनवाया गया था। बिना हमारी इजाजत के कैसे इसके भवन को मेडिकल कालेज में शामिल कर लिया गया है। इस पत्र के मिलने के बादसे ही विभाग में खलबली मच गई है। बताया जा रहा है कि मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया एमसीआइ ने भी इस पर आपत्ति लगाई है। अब देखना यह है कि एमसीआइ अपनी फाइनल रिपोर्ट में क्या कहती है। फिलहाल बस्ती में मेडिकल कालेज शुरू करने का सपना निकट भविष्य में हकीकत बनता नहीं दिख रहा है।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने कहा, मेरी जानकारी में नहीं है मामला
ओपेक चिकित्सालय कैली के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. सोमेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा खाड़ी देशों ने क्या आपत्ति लगाई है, यह अभी उनकी जानकारी में नहीं है। यह मामला सरकार का है। अस्पताल रन कराने के लिए फंड सरकार दे रही है। जो आदेश मिलेगा उसी के अनुसार किया जाएगा।

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