सिद्धार्थनगर, जेएनएन। राज्‍यपाल आनंदी बेन पटेल ने अभिवावकों से बच्चों को मोबाइल से दूर रखने की अपील की। उन्‍होंने कहा कि मोबाइल छोड़ लाइब्रेरी की शिक्षा अपनाएं। कम से कम एक घंटा किताबें भी पढ़ें। हम अपने उन दायित्वों को न भूलें जो गुरुजनों ने बताए हैं। उन्होंने कहा कि पीएम के स्वच्छ भारत और स्वस्थ्य भारत के सपनों को साकार करना होगा। 2025 तक देश को टीबी मुक्त करने का अभियान चलाया गया है। टीबी से प्रभावित बच्चों को हम गोद लेंगे।

राज्‍यपाल गुरुवार को सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु के तृतीय दीक्षा समारोह को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि  समाज की रचना के लिए कर्तव्यमुखी शिक्षा होनी चाहिए। इससे पूर्व  कार्यक्रम की अध्यक्ष कुलाधिपति आनन्दी बेन और मुख्य अतिथि डा. दिनेश शर्मा ने 32 मेधावियों को स्वर्ण पदक प्रदान किया।

हर महाविद्यालय एक गांव को गोद लें

आनन्दी बेन ने कहा कि प्राचीन काल से कपिलवस्तु का गौरवशाली इतिहास रहा है। यहां की संस्कृति पूरे विश्व मे विख्यात है। यह शांति, करुणा का क्षेत्र है। सामाजिक समरसता के लिए यहां के विद्यार्थी जाने जाएंगे। उन्‍होंने कहा कि पहले बाल विवाह के कारण महिला शिक्षा में जो कमी थी, अब उसकी भरपाई हो चुकी हैं। हमारी बेटियां अब हर क्षेत्र में आगे हैं। महिला सशक्तिकरण के लिए सरकार भी पूरा सहयोग दे रही हैं, इसका भरपूर लाभ उठाना चाहिए। हर महाविद्यालय एक गांव को जरूर गोद लें, जिससे वहां की स्थिति सुधरे। आंगनबाड़ी केन्दों के कुपोषित बच्चों पर पूरा ध्यान देना होगा। राज्य व केंद्र सरकार ने इसपर पूरा ध्यान दिया है।  जब तक बेटियां सशक्त नहीं होंगी भारत कुपोषण मुक्त नहीं होगा। हीमोग्लोबिन टेस्ट बच्चियों का जरूरी है। वजन और लंबाई के संतुलन के लिए भरपूर खुराक भी दी जा रही है। डॉ दिग्विजय नाथ पांडेय के स्मारिका का विमोचन भी किया गया।

शीघ्र होगी शिक्षकों की नियुक्ति

कार्यक्रम में उप मुख्‍यमंत्री दिनेश शर्मा ने कहा कि यह शिक्षा का वह पड़ाव है जो नए दायित्व का बोध कराता है। इस विश्वविद्यालय का अति संक्षिप्त इतिहास है लेकिन अपने ऊंचाइयों को छूआ है। यहां विदेशी भाषाओं को सिखाने का उपक्रम शुरू हो गया है। डिप्‍टी सीएम ने कहा कि नकल विहीन परीक्षा कराने में भी हम सफल रहे हैं। दीन दयाल उपाध्याय शोध पीठ में गोष्ठियों से स्तर में सुधार आया है। कुछ विषयों के लिए अनुदान आयोग की तरफ से शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। आने वाले समय में विश्वविद्यालय का विस्तार होगा।

कुलपति डा. सुरेंद्र दुबे ने स्वागत भाषण में कहा कि छात्रों से मैं खुद महीने में एक बार संवाद स्थापित करता हूं। परीक्षा पूर्णतः नकल विहीन रही। नकल माफिया पर लगाम कसी गई है। आनंद छात्रावास में अगले वर्ष से विद्यार्थी रहने लगेंगे। विवि में हर काम पूरी पारदर्शिता के साथ हो रही है।

Posted By: Pradeep Srivastava

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