जागरण संवाददाता, गोरखपुर : जिले को कोरोना के संक्रमण से बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। देश के कई राज्यों में फैल चुके संक्रमण को देखते हुए विभाग ने निर्णय लिया है कि जिले के बाहरी इलाकों में चेकपोस्ट बनाकर बाहर से आने वालों की जांच की जाएगी। यदि उनके पास रीयल टाइम पालीमरेज चेन रियेक्शन (आरटीपीसीआर) की रिपोर्ट निगेटिव होगी, तभी उन्हें जिले में प्रवेश दिया जाएगा। अन्यथा उनकी जांच कराई जाएगी, रिपोर्ट आने तक उन्हें क्वारंटाइन रहना होगा। इसके लिए क्वारंटाइन सेंटर भी बनाए जाएंगे।

कोरोनारोधी टीका लगवाने का देना होगा प्रमाण-पत्र

सीएमओ डा. सुधाकर पांडेय ने बताया कि कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए शासन ने यह फैसला लिया है। महाराष्ट्र, केरल, तमिलनाडु, त्रिपुरा आदि राज्यों से आने वाले लोगों को न सिर्फ आरटीपीसीआर रिपोर्ट दिखानी होगी, बल्कि कोरोना रोधी टीका लगवाने का प्रमाण पत्र भी देना होगा। तभी उन्हें जिले में प्रवेश दिया जाएगा। रैपिड रेस्पांस टीम (आरआरटी) भी ऐसे लोगों पर नजर रखेगी। घर जाने के बाद भी उनमें कोरोना के लक्षण मिलने पर उन्हें क्वारंटाइन कराते हुए उनकी जांच कराई जाएगी।

एक सप्‍ताह के अंदर की होनी चाहिए आरटीपीसीआर रिपोर्ट

इस संबंध में शासन से निर्देश आया है कि दूसरे राज्यों से आने वाले लोगों से आरटीपीसीआर रिपोर्ट मांगी जाए, यह रिपोर्ट एक सप्ताह के अंदर की होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने टीका लगवाया है या नहीं, इसकी भी जांच की जाए। स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी भी शुरू कर दी है। जल्द ही प्रशासन व पुलिस की मदद से जिले के बाहरी हिस्सों में चेक पोस्ट बनाए जाएंगे। बाहर से आने वालों की वहीं जांच की जाएगी।

सीएमओ ने की अपील, बाहर से आने वालों की दें सूचना

सीएमओ डा. सुधाकर पांडेय ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि गांव या मोहल्ले में कोई व्यक्ति बाहर से आता है तो उसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को जरूर दें। ताकि उसकी जांच की जा सके। कोरोना की संभावित लहर को रोकने में आमजन का प्रयास सार्थक सिद्ध होगा। रेलवे स्टेशन व एयरपोर्ट पर बूथ सक्रिय कर दिए गए हैं। यात्रियों की जांच शुरू हो चुकी है।

Edited By: Rahul Srivastava