गोरखपुर, जेएनएन। बंगाल की खाड़ी में बीते तीन दिन से बना समुद्री तूफान ‘यास’ बुधवार को 10 बजे के करीब उड़ीसा के पारादीप, चांदीपुर व केंद्रपाड़ा तट से टकराने लगा। इसके परिणामस्वरूप उड़ीसा और पश्चिमी बंगाल में तेज हवा के साथ गरज-चमक के बीच भारी बारिश का सिलसिला शुरू हो गया। इधर ‘यास’ के चलते ही बंगाल की खाड़ी की ओर से चल रही पुरवा हवाएं नमी लेकर पूर्वी उत्तर प्रदेश तक पहुंचने लगी हैं। यहां निम्न वायुदाब क्षेत्र बने होने की वजह से यह नमी बादलों का रूप लेने लगी है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के अधिकांश जिलों में बादलों की मौजूदगी इसकी तस्दीक है।

मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय ने मुताबिक ‘यास’ के प्रभावस्वरूप बुधवार को दोपहर बाद गोरखपुर सहित पूर्वी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी का सिलसिला शुरू हो जाएगा। गुरुवार से यह बूंदाबादी बारिश में बदल जाएगी। 28 मई को कुछ स्थानों पर मध्यम से लेकर भारी वर्षा का पूर्वानुमान है। बारिश का यह सिलसिला 29 मई तक थमने के आसार हैं। मौसम विशेषज्ञ ने बताया कि उड़ीसा के तट टकराने के दौरान ‘यास’ की रफ्तार 150 से 160 किलोमीटर प्रतिघंटे की रही। इसके प्रभावस्वरूप ही पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी बारिश के दौरान 30 से 40 किलोमीटर की रफ्तार से पुरवा हवाओं के चलने का पूर्वानुमान है।

एक बार 30 डिग्री से नीचे पहुंचेगा गोरखपुर का पारा

मौसम विशेषज्ञ ने बताया कि बीते दिनों अरब सागर के तूफान ‘टाक्टे’ के चलते हुई बारिश से गोरखपुर का अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस तक नीचे आ गया था, जो मई के औसत तापमान से पांच डिग्री सेल्सियस कम था। बारिश थमते ही तापमान में तेजी से बढ़ोत्तरी हुई और वह 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया लेकिन एक बार फिर उसके नीचे आने की वायुमंडलीय परिस्थितियां बन गई हैं। मौसम विशेषज्ञ के अनुसार 28 मई तक अधिकतम तापमान एक बार फिर 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे आ सकता है।

Edited By: Satish Chand Shukla