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अब पुराने रिकॉर्ड न होने पर भी बन सकेंगे मतदाता, फॉर्म-छह के नए नियम से गोरखपुर के लाखों वोटरों को होगा फायदा

Published: Thu, 01 Oct 2026 07:19 PM (IST)Updated: Thu, 01 Oct 2026 07:20 PM (IST)

निर्वाचन आयोग ने फॉर्म छह के साथ 2003 की मतदाता सूची से जुड़े अतिरिक्त घोषणा पत्र की अनिवार्यता खत्म कर ...और पढ़ें

पुराना रिकॉर्ड नहीं तो भी अब मतदाता बनने का रास्ता आसान।

पुराना रिकॉर्ड नहीं तो भी अब मतदाता बनने का रास्ता आसान।

HighLights

  1. फॉर्म छह के साथ अतिरिक्त घोषणा पत्र की अनिवार्यता समाप्त।

  2. गोरखपुर में लाखों मतदाताओं को दोबारा नाम जुड़वाने में आसानी।

  3. 2027 विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची होगी शुद्ध।

अरुण चन्द, गोरखपुर। विधानसभा चुनाव 2027 से पहले निर्वाचन आयोग ने फॉर्म छह के साथ 2003 की मतदाता सूची से जुड़ा अतिरिक्त घोषणा पत्र भरने की अनिवार्यता खत्म कर दी है। इसका सबसे बड़ा असर उन मतदाताओं पर पड़ने की संभावना है, जिनके नाम विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कट गए थे और बाद में दोबारा नाम जुड़वाने के लिए उन्हें पुराने पारिवारिक मतदाता रिकॉर्ड की जानकारी जुटाने में परेशानी हो रही थी।

अब ऐसे आवेदकों के लिए मतदाता सूची में वापसी का रास्ता अपेक्षाकृत आसान होगा। हालांकि आयु, नागरिकता और सामान्य निवास से जुड़े निर्धारित प्रमाण और अन्य कानूनी शर्तें लागू रहेंगी।

गोरखपुर में एसआईआर से पहले 36.66 लाख से अधिक मतदाता थे। अभियान में 6.45 लाख से अधिक नाम हटे। इनमें बड़ी संख्या ऐसे लोगों की थी, जो मतदाता तो थे, लेकिन 2003 की मतदाता सूची में अपने, माता-पिता अथवा दादा-दादी के नाम से संबंधित जरूरी जानकारी या अभिलेख उपलब्ध नहीं करा सके। जिला स्तर पर एसआईआर के बाद जारी आंकड़ों में 6,45,634 नाम हटने और मतदाताओं की संख्या घटकर 30,20,908 होने की जानकारी दी गई थी।

एसआईआर के दौरान फॉर्म छह के साथ घोषणा पत्र के जरिए 2003 के रिकॉर्ड की जानकारी देना महत्वपूर्ण हो गया था। अब इस अतिरिक्त बाध्यता के हटने से उन लोगों को राहत मिल सकती है, जो पुराने पारिवारिक रिकॉर्ड की जानकारी न होने के कारण आवेदन की प्रक्रिया में अटक रहे थे।

चिल्लूपार में सर्वाधिक कटे नाम

विधानसभा क्षेत्रवार देखें तो चिल्लूपार में सर्वाधिक 87,732 नाम हटे हैं। इसके बाद बांसगांव में 83,062 और खजनी में 83,014 नाम कटे। गोरखपुर ग्रामीण में 70,763, कैंपियरगंज में 68,242, चौरी चौरा में 67,355, पिपराइच में 62,175, गोरखपुर शहर में 62,152 और सहजनवां में 61,130 नाम हटे हैं।

इन आंकड़ों की राजनीतिक अहमियत भी है। गोरखपुर शहर को छोड़कर जिले की सभी आठ विधानसभा सीटों पर एसआईआर में हटे मतदाताओं की संख्या 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशियों की जीत के अंतर से अधिक रही थी।

इसका मतलब यह नहीं है कि हटे सभी नाम वास्तविक और पात्र मतदाताओं के हैं। इनमें मृतक, स्थानांतरित और दोहरे पंजीकरण वाले नाम भी शामिल हैं। इसलिए आगामी पुनरीक्षण में असली चुनौती पात्र मतदाताओं की पहचान कर उन्हें सूची में वापस लाने की होगी।

राजनीतिक दल भी विधानसभा क्षेत्रवार ऐसे नामों का ब्योरा जुटा रहे हैं। उनका फोकस यह पता लगाने पर है कि एसआईआर में हटे नामों में कितने वास्तविक मतदाता हैं और कितनों को पुनरीक्षण के दौरान दोबारा जोड़े जाने की जरूरत है।

अब पुनरीक्षण में बढ़ सकती है आवेदनों की संख्या

फॉर्म छह के साथ अतिरिक्त घोषणा पत्र की बाध्यता हटने से युवाओं के साथ उन पुराने मतदाताओं के लिए भी आवेदन करना आसान होगा, जिनके नाम एसआईआर के दौरान छूट गए थे। निर्वाचन आयोग के नागरिक सेवा पोर्टल पर फॉर्म छह के जरिए नए मतदाता पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध है।

ऐसे में आगामी पुनरीक्षण अभियान गोरखपुर की मतदाता सूची के लिहाज से महत्वपूर्ण होगा। 6.45 लाख से अधिक हटे नामों के बाद अब सवाल सिर्फ नए मतदाताओं को जोड़ने का नहीं, बल्कि पात्र पुराने मतदाताओं की सूची में वापसी का भी है। विधानसभा चुनाव से पहले होने वाला यह पुनरीक्षण मतदाता सूची के आकार और उसकी शुद्धता, दोनों को प्रभावित करेगा।

जानिए किस विधानसभा क्षेत्र में कितने वोटर

विधानसभा पुरुष महिला टीजी (TG) कुल
कैंपियरगंज 1,90,049 1,56,371 25 3,46,445
पिपराइच 2,07,281 1,71,984 27 3,79,292
गोरखपुर शहर 2,36,369 2,11,377 52 4,47,798
गोरखपुर ग्रामीण 2,05,992 1,76,868 20 3,82,880
सहजनवा 1,89,363 1,53,620 12 3,42,995
खजनी (SC) 1,84,100 1,45,506 14 3,29,620
चौरीचौरा 1,73,874 1,43,844 28 3,17,746
बांसगांव (SC) 1,78,006 1,42,685 13 3,20,704
चिल्लूपार 2,08,895 1,69,061 5 3,77,961
कुल 17,73,929 14,71,316 196 32,45,441

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